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पांच मिनट में ही बदला खेल, दो को मिली जिंदगी तो दो को मौत ने लिया आगोश में

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गांव लाधुवास में मृतक नितेश के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे लोग। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। नेशनल हाईवे-48 पर बुधवार को हुए सड़क हादसे में गांव लाधुवास के दो युवकों को मौत खींच कर ले गई और दो युवकों का जिंदगी ने खींच लिया। हादसे से करीब पांच मिनट पहले ही घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही कार में सवार दो युवकों को गाड़ी से उतार दिया गया। वहीं, दो युवकों को वहां से गाड़ी में बैठा लिया। गांव लाधुवास से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर ओवर स्पीड कार डिवाइडर फांद कर दूसरी दिशा से आ रही बस से टकरा गई और सर्विस रोड पर जा गिरी थी। इसमें पांचों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। युवकों की मौत से लाधुवास गांव के 150 घरों में दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। मृतकों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ था।
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ग्रामीणों ने बताया कि पांचों युवक दोस्त थे। गांव में बुधवार को कुआं पूजन था और वहां पर खाना खाने के बाद अपने चाचा परमाल सिंह को कहा था कि वे गाड़ी में तेल डलवाने जा रहे हैं। संगवाड़ी गांव से महेश को पैसे लेकर भी आने थे। महेश, सचिन, संदीप उर्फ सोनू, साहिल कार में बैठ कर संगवाड़ी गए और वहां से गजराज को भी साथ लिया। गजराज घटना स्थल से पहले गाड़ी से उतर गया और महेश ने साहिल को भी यह कह कर उतार दिया कि वह नहाया नहीं है। वहां से उन्होंने गांव के ही कपिल व नितेश को कार में यह कह कर बैठा लिया कि दस मिनट में ही लौट आएंगे।
कपिल श्रमिकों खाना देने जा रहा था, लेकिन दोस्तों के कहने पर कार में बैठ गया था
इस दौरान कपिल अपनी स्कूटी पर श्रमिकों को खाना देने जा रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। इस दौरान वह भी दोस्तों के कहने पर कार में बैठ गया था। मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर हादसा हो गया। इसमें उसकी भी जान चली गई।
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महेश ले रहा था सेना में भर्ती के लिए कोचिंग
लाधुवास गांव निवासी महेश का बड़ा भाई सेना में हैं। पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। महेश की करीब चार साल पहले शादी हुई थी। अब वह सेेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। पांचों युवक महेश की कार में सवार थे। उसकी पांच बहने हैं और सब शादीशुदा हैं।
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कंपनी में एक साल पहले कट गया था नितेश का हाथ
नितेश के ताऊ रामचंद्र ने बताया कि नितेश ने दो साल पहले बारहवीं कक्षा पास की थी। उसके बाद वह कंपनी में काम करने लगा था। वहां पर करीब एक साल पहले मशीन में आने सेे हाथ कट गया था और वह घर पर ही रहता था। नितेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अभी तक नितेश की शादी नहीं हुई थी।
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कपिल की फरवरी में हुई थी शादी
कपिल कुमार की शादी फरवरी में ही हुई थी। वह कंस्ट्रेक्शन के काम पर श्रमिकों को खाना देने के लिए घर से निकला था। वह गांव में ही अपनी स्कूटी को खड़ी कर कार में सवार हो लिया था। कपिल की एक बहन शादीशुदा है।
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तीन भाइयों में मंझला था संदीप
मृतक के ताऊ के लड़के सतबीर ने बताया कि उसके चाचा का लड़के संदीप पिछले दिनों ही बारहवीं कक्षा पास की थी। उसकी शादी भी नहीं हुई थी। वह तीन भाइयों में मंझला था। उसके पिता भी कुछ समय से बीमार रहते हैं।
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सचिन कर रहा था कंप्यूटर कोर्स
सचिन के दादा महेंद्र ने बताया कि सचिन रेवाड़ी में कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था और बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। इसकी भी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी। इस साल ही उसने बारहवीं कक्षा पास की थी।
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सरकार के प्रति जताया रोष
ग्रामीणों ने यह भी रोष जताया कि इतने बड़े हादसे के बाद न तो कोई मंत्री या विधायक आया है और न ही कोई जिला प्रशासन का अधिकारी। सरकार ने अब तक मदद की बात तो दूर मृतकों के परिजनों को सांत्वना तक नहीं दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इससे बड़ी घटना भी कोई नहीं हुई है।
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