संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला न्यायालय ने विद्यार्थी को एसएलसी न देने के मामले में डहीना के एक निजी स्कूल को एसएलसी जारी करने के आदेश दिया है। अक्सर नामांकन के समय निजी स्कूलों की मनमर्जी के चलते अधिकांश विद्यार्थियों की एसएलसी जारी नहीं किया जाता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
अधिवक्ता कैलाश चंद ने बताया कि परिवादी गांव सीहा निवासी योगेश कुमार के दोनों बच्चे गगनदीप व पुष्कर गांव डहीना के एक निजी स्कूल में अध्ययनरत थे। परिवादी ने अपने दोनों बच्चों की पूरी फीस भी जमा की हुई थी। इस वर्ष दोनों बच्चों का अस्थायी दाखिला किसी अन्य स्कूल में करवा दिया। हालांकि स्थायी दाखिला करवाने के लिए एसएलसी की आवश्यकता थी तो पिछले स्कूल से दोनों बच्चों की एसएलसी की मांग की तो स्कूल ने बच्चों की एसएलसी देने से मना कर दिया। इसके मामले में परिवादी ने डीईओ, डीसी, निदेशक शिक्षा विभाग तक को पत्र भेज कर मामले में संज्ञान लेकर समाधान कराने की मांग की थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न हो सकी।
इसके बाद परिवादी ने 21 अगस्त को एक वाद जिला न्यायालय रेवाड़ी में दायर कर दिया। स्कूल के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी औरर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी को भी पार्टी बनाया। न्यायालय में केस की सुनवाई पर जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी हाजिर हुए लेकिन स्कूल प्रबंधन का कोई हाजिर नहीं हुआ। इस पर न्यायालय ने स्कूल को एक्स पार्टी कर सीनियर डिविजन सिविल जज रितु यादव ने केस की सुनवाई पर अंतरिम आदेश बच्चों के हक में सुनाते हुए स्कूल को आदेश दिया की दोनों बच्चों की एसएलसी जल्द जारी करें। इसके साथ केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई।