रेवाड़ी। शहर में चर्चा का कारण बन रही नगर परिषद में बेशकीमती जमीनों को हड़पने का खेल लंबे समय से चल रहा है। हर बार जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। शुक्रवार को नगर परिषद की करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की जमीन पर भूमाफिया की ओर से अवैध निर्माण के मामले में नगर परिषद अधिकारियों की सुस्ती फिर सामन आई है। दो दिन बीतने के बाद भी नगर परिषद की ओर से भूमाफिया के खिलाफ काेई कार्रवाई नहीं की गई है।
अब इस मामले में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर अवैध निर्माण का विरोध करने वाले पार्षदों का एक गुट सोमवार को इस मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर एसपी से मुलाकात करेगा। शहर के सरकुलर रोड पर ब्रास मार्केट की काफी जगह खाली पड़ी जमीन का एक हिस्सा पार्क के बिल्कुल साथ है। करीब 200 गज की इस जमीन पर शुक्रवार को कुछ मजदूर व राजमिस्त्री निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। पार्षदों के विरोध के बाद नगर परिषद के अधिकारियों नेे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया था। नगर परिषद सचिव की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही थी, लेकिन अभी इस मामले में कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
क्या इस जमीन की भी बना दी जाएगी प्रॉपर्टी आईडी
शहर में नप की जमीनों को कब्जाने के बाद अधिकारियों से मिलीभगत कर उसकी प्राॅपर्टी आईडी बनाने का खेल लंबे समय स चल रहा है। ऐसे में अब शहर में यह भी चर्चा होने लगी है कि क्या शुक्रवार को कब्जाई जा रही जमीन की भी मिलीभगत से प्रॉपर्टी आईडी बना दी जाएगी। इस पूरे प्रकरण में एक पार्षद के रिश्तेदार का नाम चर्चा में आया है। हालांकि कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। ऐसे में इस जमीन की प्रॉपर्टी आईडी बनना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
शहर में सरेआम अवैध निर्माण किया जा रहा था। ऐसे में नप को भूमाफिया की जानकारी न हो, यह कैसे संभव है। सोमवार को सभी पार्षद एसपी से मुलाकात कर भूमाफिया के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।
-प्रवीण कुमार उर्फ शालू, नगर पार्षद
नप के अधिकारियों को पुलिस में शिकायत देने के लिए बोल दिया गया था। शिकायत दी या नहीं इस बारे में जानकारी नहीं है। यह पुलिस जांच का विषय है कि निर्माण कौन कर रहा था। अभी जल्दबाजी में कुछ भी कहना ठीक नहीं है।
-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी