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Rewari News: 15 गांवों के दो लाख लोगों के सिर से हटा टोल प्लाजा का बोझ, जश्न मनाया

Wed, 22 Feb 2023 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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कोसली। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने घोषणा कि कोसली विधानसभा क्षेत्र के जीवड़ा-गुडाना (हैली मंडी-पल्हावास) रोड पर लगाए गए टोल प्लाजा को एक मार्च से बंद करने एवं सुबाना-कोसली-नाहड़-कनीना रोड पर लगाए गए टोल के लिए समीक्षा करवाने निर्णय का जिले के ग्रामीणों ने स्वागत किया है। टोल प्लाजा को हटाने के बाद जिले के जीवड़ा, चौकी नंबर 1, रतनथल बास सहित करीब 15 गांवों के दो लाख से अधिक लोग जीवड़ा-गुड़ाना टोल प्लाजा से प्रभावित थे,जिन्हें न केवल आर्थिक बल्कि समय की भी हानि हो रही थी। इस रूट पर दिनभर में 1000 से अधिक वाहनों का आवागमन होता था। यहां ग्रामीणों की ओर से इस टोल को हटवाने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया है।
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कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा के बजट सत्र में गुर्जरवास के निकट सुबाना-कोसली, नाहड़-कनीना तथा जीवड़ा गुड़ाना रोड पर बने वाणिज्य टोल प्लाजा को हटाने की मांग की थी। इस पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने टीपी-54 जीवड़ा गुडाना (हेलीमंडी-पाल्हावास) रोड पर बने टोल प्लाजा को एक मार्च से बंद करने की घोषणा करने के साथ ही बताया कि गुर्जरवास के पास बने टोल प्लाजा की पुन: समीक्षा कराएंगे और निकट भविष्य में उसे भी समाप्त किया जाएगा। दोनों वाणिज्य टोल के कारण क्षेत्र के लोगों में भारी रोष था। इन टोल के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। इन टोल पर स्कूल बसों के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यावसायिक वाहनों से भी टैक्स वसूला जा रहा है। इससे लोगों में सरकार के प्रति रोष पनपता जा रहा था। टोल पर स्कूल बसों की लंबी लाइनें लग जाती है, जिसके कारण बच्चे भी स्कूल देरी से पहुंचते हैं।

ग्रामीणों का आंदोलन रंग लाया
सरकार की ओर से लगाए गए इस टोल प्लाजा से आसपास के ग्रामीणों को नुकसान उठाया पड़ रहा है। ग्रामीणों को अपने खेतों में जाने के लिए भी टोल को पार करना पड़ता था। ऐसे में उन्हें वाहनों का टोल देना पड़ता था, जिससे कई बार टोल कर्मियों से झगड़ा भी हो जाता था। सरकार के इस निर्णय से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इस टोल को हटवाने के लिए ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया था, जो रंग लाया।
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-रोहित, जीवड़ा

खेतों में जाने के लिए देना पड़ता था टोल
उन्हें आसपास के गांवों में जाने के लिए यह टोल प्लाजा पार करना पड़ता था। लोकल होने के बाद भी टोल देना पड़ता था। इससे उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। खेतों में जाने के वाले किसानों को टोल कटवाना पड़ता था।
-राजविजय, रतनथल बास
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ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या थी
ग्रामीणों के लिए यह बेहद गंभीर समस्या थी,जो सरकार ने खड़ी और सरकार ने हल कर दी। इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इस टोल को हटवाने के लिए ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए थे। इस टोल को हटाने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही सरकार को चाहिए गुज्जरवास टोल को खत्म कर देना चाहिए।
-महावीर दायमा
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15 से गांवों के ग्रामीणों को लाभ
चौकी नंबर दो का टोल हटाने से जीवड़ा सहित आसपास के 15 से अधिक गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा। अब जाकर राहत मिली है। इसके अलावा सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में टोल लगाना ही नहीं चाहिए। इससे किसानों व स्थानीय लोगों को ही परेशान होना पड़ता है।
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-कुलदीप, लडायन
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