संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विद्यार्थियों में दक्षता बढ़ाने के लिए क्लस्टर स्तर पर 15 अक्तूबर तक रफ्तार टेस्ट कराने का लक्ष्य रखा गया है। एक क्लस्टर में 10 से 12 विद्यालय रखे जाएंगे।
निपुण हरियाणा के तहत विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रतियोगिताएं होनी थीं। इस प्रतियोगिता को रफ्तार नाम दिया गया है। विधानसभा चुनाव में अध्यापकों की व्यस्तता के चलते विद्यालय स्तर पर टेस्ट नहीं हो पाए। अब जल्द ही विद्यालय स्तर पर टेस्ट कराए जाएंगे। विभाग ने 15 अक्तूबर तक क्लस्टर स्तर पर रफ्तार टेस्ट करवाने का लक्ष्य रखा है। एक क्लस्टर में 10 से 12 विद्यालय रखे जाएंगे। 20 से 27 अक्तूबर तक प्रदेशस्तर पर आयोजन होगा। क्लस्टर के बाद खंड और जिला स्तर पर टेस्ट होंगे। जिलास्तर के विजेताओं का टेस्ट प्रदेश स्तर पर लिया जाएगा। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के छात्र हिस्सा लेंगे। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के साथ ही निपुण अध्यापकों का भी चयन किया जाएगा।
एफएलएन जिला समन्वयक चरण सिंह ने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चे जो पढ़ना सीखते हैं, वह उन्हें आगे चलकर सीखने के लिए पढ़ने में सक्षम बनाता है। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम में रफ्तार योजना शुरू की गई है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक स्कूल कम से कम 3 छात्रों को नामांकित करेगा जो कि कलस्टर स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। छात्रों का चयन स्कूलस्तरीय प्रतियोगिता आयोजित करके किया जाएगा। इन चयनित छात्रों को कलस्टर स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए स्टाप वाच का उपयोग करके तैयार किया जाएगा। कलस्टर पर होने वाली यह प्रतियोगिता एक सप्ताह तक चलेगी। इसमें बच्चों को 30 शब्द सही उच्चारण और अर्थ के साथ पढ़ना व बोलना होगा।
मूल्यांकन और विशेषज्ञ समिति गठित होगी
रफ्तार के तहत होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मूल्यांकन और विशेषज्ञ समिति के साथ ही आयोजन समिति का गठन किया जाएगा। कलस्टर स्तर पर 2 पीजीटी हिंदी, 2 टीजीटी हिंदी, 2 पीआरटी, एक एबीआरटी मिलाकर कुल 7 सदस्य होंगे। ब्लाक स्तर पर बीईओ, बीआरसी अध्यक्ष के साथ ब्लाक के सभी बीआरपी, एबीआरपी, 3 पीजीटी, 3 टीजीटी मिलाकर 10 से 12 सदस्य, जिला स्तर पर डाइट प्रधान सहित वरिष्ठ व्याख्याता विषय विशेषज्ञ, 3 टीजीटी हिंदी सदस्य व राज्य स्तर एससीईआरटी निदेशालय अध्यक्ष व विषय विशेषज्ञ एससीईआरटी डीईईओ पंचकूला सदस्य मूल्यांकन व विशेषज्ञ समिति को शामिल किया जाएगा।
वर्जन
बच्चों के पठन-पाठन का प्रवाह जानने के लिए रफ्तार प्रतियोगिताएं शुरू की गई हैं। इसके तहत स्कूल से राज्य स्तर तक प्रतियोगिता होंगी। इसमें छात्र को पढ़ने के लिए दिए जाने वाले पाठ में उसके पठन प्रवाह की स्थिति जांची जाएगी। - चरण सिंह, एफएलएन जिला समन्वयक रेवाड़ी।