संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धारूहेड़ा से सटे भिवाड़ी के चौपानकी स्थित सारेकलां पहाड़ से पकड़े अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के 6 संदिग्ध आतंकियों ने पहले उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेनिंग ली थी। दूसरे चरण का प्रशिक्षण लेने के लिए संदिग्धों को भिवाड़ी भेजा गया था।
यहां संदिग्धों को किराये के कमसे से करीब 5 किलोमीटर दूर पहाड़ों में फायरिंग का अभ्यास करना था। जांच एजेंसियों को ये भी पता चला है कि संदिग्ध युवक कुछ वर्ष पहले दिल्ली में भी रुके थे। तब रांची के डॉक्टर इश्तियाक के मॉड्यूल से इनका संपर्क नहीं था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भिवाड़ी के साथ 22 अगस्त को रांची में भी कार्रवाई की थी, जहां से डॉक्टर इश्तियाक को गिरफ्तार किया था। उसी मॉड्यूल में रांची निवासी 6 संदिग्ध शामिल थे। इन्हें भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में संदिग्धों ने बुलंदशहर की ट्रेनिंग का खुलासा किया। संदिग्धों ने जिस जगह प्रशिक्षण लिया था, वहां से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
22 अगस्त को दिल्ली पुलिस की टीमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड पहुंची थीं। तीनों राज्यों से 14 लोग हिरासत में लिए गए। दावा किया गया कि सभी आतंकी संगठन अलकायदा के मॉड्यूल से जुड़े हैं। इनका सरगना डॉ. इश्तियाक रांची का रहने वाला है। इश्तियाक एक हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट था।
दिल्ली रूट से भिवाड़ी आए थे, यहीं से बरामद हुए हथियार
जांच एजेंसियों को पूछताछ में पता चला है कि बुलंदशहर आतंकियों का सेफ हाउस जैसा है, जहां उन्हें फिटनेस, कॉम्बेट फाइट के साथ हथियार बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। संदिग्ध वहां से रांची और फिर भिवाड़ी पहुंचे। संदिग्धों ने दिल्ली रूट से भिवाड़ी आने की बात कबूली है। उन्हें यहां कुछ मददगार मिलने की बात कही गई थी। इन्हीं लोगों ने आतंकियों के लिए चौपानकी की लेबर कॉलोनी में किराये के कमरे का इंतजाम किया। दो कमरे 10 अगस्त को ही बुक हो चुके थे। संदिग्ध आतंकी शाम को भिवाड़ी पहुंचे। अगले दिन मेवात से सटे सारेकलां के पहाड़ों में गए। दो से तीन दिन ठहरे। इसी दौरान स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े। पुलिस आतंकियों भिवाड़ी से बुलंदशहर के खुर्जा के लिंक खोज रही है। खुर्जा व बुलंदशहर से पहले भी कई आतंकियों को पकड़ा गया है। यहां अवैध हथियारों की सप्लाई का बड़ा रैकेट काम करता है।