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Rewari News: सब तहसील 13 साल से कंडम घोषित, 58 वर्ष पुराने भवन में चल रहा कार्य

Thu, 01 Feb 2024 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। नाहड़ सब तहसील
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कोसली। क्षेत्र के गांव नाहड़ में पिछले 13 साल से कंडम घोषित 58 वर्ष पुराने पंचायत समिति भवन में सब तहसील चल रही है। करोड़ों रुपये की पंचायत द्वारा जमीन देने के बाद भी सब तहसील भवन नहीं बन पा रहा है।
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नाहड़ स्थित सब तहसील वर्ष 2014 में अस्तित्व में आई ओर सरकार की घोषणा के तुरंत बाद ही पंचायत समिति भवन जो कि वर्ष 1965 में बना ओर उस समय के मुख्यमंत्री ने इस भवन का उद्घाटन किया था। जिसकी जर्जर हालत होने के कारण ब्लाक समिति का नया भवन बन गया और इस जर्जर भवन में सब तहसील का विधिवत रूप से संचालन शुरू कर दिया। यह सब तहसील बनने से जहां दो दर्जन गांवों के लोगों को फायदा हुआ वहीं कुछ लोगों को सब तहसील में रोजगार के भी द्वार खुले। सब तहसील परिसर में ना तो पीने के पानी कि कोई सुविधा है और ना ही यहां बैठने के लिए कोई सुविधा है। पांच साल पूर्व नाहड़ पंचायत ने करोड़ों रुपये की कीमती जमीन सब तहसील कोसली को इस उद्देश्य के लिए दी कि यहां सब तहसील का अपना भवन बने और लोगों को सुख सुविधाएं मिलें लेकिन पांच साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी सब तहसील का भवन बनना तो दूर इस विषय में अभी सरकार को प्रपोजल तक नहीं भेजा गया है।


जगह कम होती है परेशानी

सब तहसील जिस जर्जर समिति भवन में चल रहा है वहां जगह कम होने के कारण अक्सर लोगों को काम के लिए आने पर बैठना तो दूर खड़े होने तक को जगह नहीं मिलती है। ऐसे में लोग सरकार व स्थानीय प्रशासन को कोसते नजर आते हैं। इसके साथ साथ यहां स्टाम्प वेंडरों, वकीलों को बैठने की जगह नहीं मिल रही। एक-एक सीट पर चार चार लोग बैठते हैं ।
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जर्जर भवन में बैठने से डरते हैं कर्मचारी

पंचायत समिति का वर्ष 1965 में बने जर्जर हो चले भवन का उद्घाटन पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कामरेड रामकिशन ने 18 जुलाई 1965 को किया था। डेढ़ दशक पूर्व भवन नी जर्जर हालत को देखते हुए इसे कंडम घोषित कर नाहड़ ब्लाक समिति को नया भवन बना कर सरकार ने दे दिया। लेकिन इस जर्जर भवन में सब तहसील विधिवत रूप से वर्ष 2014 में शुरू कर दी। तब से लेकर आज तक यह सब तहसील सरकार द्वारा कंडम घोषित भवन में ही चल रही है। जोकि बरसात में टपकता है और कर्मचारियों को रिकार्ड बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है जिसके बारे में बार-बार सरकार को अवगत करवाया जा चुका है ।

क्या कहना है सरपंच का

इस विषय में सरपंच महेंद्र यादव का कहना है कि उनके सरपंच बनते ही स्थानीय विधायक के सामने मांग रखी थी कि पूर्व पंचायत द्वारा दी गई जमीन पर एक भवन बनाया जाए जिसमें सभी विभागों के दफ्तर एक छत के नीचे हो जाए और लोगों को भी इससे सुविधा हो। उन्होंने बताया कि इसके लिए दस दिन पूर्व ही जिला उपायुक्त को भी पत्र लिखा गया है।

सरकार को भेजा है प्रपोजल

इस विषय में नाहड़ के नायब तहसीलदार अस्तित्व पराशर का कहना है कि जहां सब तहसील भवन बनना है वहां पर पेड़ हैं। इन पेड़ों को काटना उचित नहीं है इसलिए सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है।
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