40 विद्यालयों में विद्यार्थियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, छठी से आठवीं तक के बच्चे हैं शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए उन्हें 10 दिन की वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें 40 विद्यालयों के छात्र शामिल होंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को बैग आदि साथ लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग की ओर से ट्रेनिंग के दौरान इस्तेमाल होने से सभी उपकरण व अन्य सामान स्कूल में ही मुहैया कराया जाएगा।
रेवाड़ी जिले के 40 सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों वोकेशनल कोर्स के जरिए विभिन्न तरह का कौशल सिखाया जाएगा। विभाग ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों को बैगलैस ट्रेनिंग देने ने का निर्णय लिया है। रेवाड़ी जिले के जिन 40 राजकीय विद्यालयों में पहले से ही वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं, उन विद्यालयों के छठी से आठवीं के बच्चों को विभिन्न स्किल की दस दिवसीय बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से ट्रेनिंग को लेकर स्कूलों के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। इन विद्यालयों में कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इन स्किल की दी जाएगी ट्रेनिंग
शिक्षकों की तरफ से छठी से आठवीं के बच्चों को दस स्किल्स के बारे में बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पेपर वर्क, हेल्थ केयर, आटोमोटिव आईटी, ब्यूटी, फिजिकल एजुकेशन, रिटेल व एपरेरल शामिल हैं। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य बच्चों का कौशल विकास के प्रति रुझान को बढ़ाना है। अगर कोई बच्चा किसी स्किल्स में जाने का इच्छुक है तो वह नौवीं कक्षा या फिर 11वीं कक्षा में दाखिला ले सकता है। इनकी ट्रेनिंग देने से बच्चों का कौशल विकसित होगा, दूसरी ओर बच्चों के सामने रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।
हर स्कूल के लिए 15-15 हजार रुपये का बजट जारी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रत्येक विद्यालय के लिए 15-15 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। इस बजट में 12-12 हजार रुपये टूर तथा तीन-तीन हजार रुपये स्टेशनरी के शामिल हैं। यह बैगलेस ट्रेनिंग है और बच्चों को संबंधित विद्यालय में ही स्टेशनरी वितरित की आएगी। विभाग की ओर से विद्यालयों को बजट भी दिया जा चुका है।
वर्जन:
संबंधित विद्यालयों को गाइडलाइन के अनुसार छठी से आठवीं के बच्चों को बैगलेस ट्रेनिंग कराने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यालय की तरफ से जो बजट भेजा गया तथा उसका वितरण भी कर दिया गया है।
-सुभाष चंद्र, जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा रेवाड़ी।