रेवाड़ी। अदालत ने शिक्षा निदेशालय को एक छात्र की अंक तालिका में पिता के नाम को सुधार के निर्देश दिए हैं।
वैभव ने वर्ष 2018-19 में मस्तापुर के एक निजी स्कूल से शिक्षा ग्रहण करते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से दसवीं पास की थी। वर्ष 2020-21 में कक्षा बारहवीं पास की। वैभव ने दाखिले के समय ही स्कूल को बताया था कि उसका खुद का नाम वैभव है और पिता का नाम दिनेश कुमार है। दाखिले के समय संबंधित दस्तावेज भी जमा किए थे।
वैभव की 10वीं कक्षा की अंकतालिका आई तो देखा कि उसके पिता का नाम दिनेश कुमार के स्थान पर दिनेश अंकित है। उसने स्कूल को इससे अवगत करवाया। जब कक्षा 12वीं की अंकतालिका आई तो उसमें भी दिनेश लिखा था। इसके बाद वैभव ने स्कूल को इस बारे अवगत करवाया और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में भी इसे दुरुस्त करवाने के लिए आग्रह किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
अधिवक्ता कैलाश चंद ने वैभव की अंकतालिका में पिता के नाम को दुरुस्त करवाने के लिए 11 सितंबर 2023 को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी और स्कूल के खिलाफ जिला रेवाड़ी न्यायालय में केस दायर किया गया। 6 फरवरी को पीयूष शर्मा की अदालत ने छात्र के हक में फैसला देते हुए हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी को आदेश दिया कि वैभव की कक्षा दसवीं और कक्षा 12वीं की अंकतालिका में पिता के नाम दिनेश के स्थान पर दिनेश कुमार लिखकर नई अंकतालिका जारी किया जाए।