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Haryana: मंत्री के बयान ‘BJP को जयचंदों ने हराया’ से अहीरवाल में चढ़ा सियासी पारा, पूर्व MLA भी मैदान में

Thu, 18 Aug 2022 08:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि बीजेपी को  शरणार्थियों ने हराया। साथ ही कहा किप्रजातंत्र में विरोध करने का सबको अधिकार, मगर सवाल यह है कि जयचंद कौन है? अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने वाले के खिलाफ निष्पक्ष होकर सीएम, पीएम और केंद्रीय गृहमंत्री जांच कराएं। 
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पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास प्रेस वार्ता करते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री की ओर से दिए गए बयान ‘बीजेपी को जयचंदों ने हराया’ पर अहीरवाल में राजनीतिक मैदान गरम है। खास यह है कि दोनों पक्ष किसी का नाम लिए बगैर ही एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सर्कुलर रोड स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने एक केंद्रीय मंत्री का नाम लिए बगैर जमकर निशाने साधे।

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जन्माष्टमी की बधाई देने के बाद उन्होंने कहा कि आजादी के दिन सब लोग देश को याद करते हैं, मगर कुछ लोग देश को भी भूल जाते हैं। जिनको भाजपा ने मान सम्मान दिया, वे पार्टी और राष्ट्र का अपमान करते हैं। प्रजातंत्र में विरोध करने का सबको अधिकार है, मगर सवाल यह है कि जयचंद कौन है? 

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जब यह देखता है कि कांग्रेस सत्ता से जा रही है और मोदी आ रहे हैं तो वह अपनी राजनीति बचाने के लिए भाजपा में शामिल होते हैं। बाद में कहते हैं कि हमने सरकार बनाई है। जनता सच जानती है। वे कांग्रेस में रहे, तब मंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे, मगर उनको पार्टी ने किसी की टिकट काटने की पावर नहीं दी।
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कापड़ीवास ने कहा कि इन्होंने खूब मलाई खाई और बाद में कांग्रेस को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए। पेड़ पर रहने वाले पक्षी भी वफादार होते हैं, मगर ये तो अतीत से जयचंद हैं। उन्होंने कहा कि सफेद टोली पहनने के पीछे पहले भी अपनी सियासी जमीन बचाने की मंशा, अब कुछ नहीं बचा।

उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि इस व्यक्ति ने पार्टी का विरोध किया, पार्टी के उम्मीदवार की बजाए अपनी पसंद के व्यक्ति को टिकट दिलाई।  कापड़ीवास ने कहा कि बीजेपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष और पीएम मोदी को चुनाव प्रचार में बुलवाया, मगर मैं अभिमन्यु की तरह मैदान में डटा रहा।

40-45 साल की राजनीति में जनता ने इनका खूब साथ दिया, मगर जब इनकी पीठ में कूबड़ निकल आया तो जनता क्या करे। इस मौके पर मार्केट कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गुरदयाल नंबरदार, पंचनद के जिलाध्यक्ष केशव चौधरी और पूर्व नप चेयरपर्सन शकुंतला भांडोरिया, मुकेश कापड़ीवास और मित्रसेन यादव भी मौजूद रहे। 

‘मंत्री के साथ केवल टिकटार्थी और प्रॉपर्टी डीलर’
कापड़ीवास ने कहा कि इनका जलवा खत्म हो गया है। अब इनके साथ केवल टिकटार्थी और प्रॉपर्टी डीलर हैं। कोई बुद्धिजीवी, सम्मानित चेहरा साथ नहीं। जनता का भला चाहने वाला कोई नहीं। उन्होंने कहा कि ये तो शरणार्थी हैं, जो चुनाव के वक्त अपनी सियासत को बचाने के लिए ऐसी बयानबाजी करते हैं। इंसाफ मंच का लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कोई अधिक योगदान नहीं रहा। अगर इनको वहम है तो इंसाफ मंच से चुनाव लड़कर देख लें जनता खुद इंसाफ कर देगी। 

‘अहीर कॉलेज 36 बिरादरी के लोगों की संपत्ति’ 
हरको बैंक के चेयरमैन अरविंद यादव और सतीश यादव के बयानों की उन्होंने सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री समर्थक उम्मीदवार का नाम लिए बिना कहा कि इनका नाम लेना ही मुंह को गंदा करना है। उन्होंने एक नया नाम हक्कू बताते हुए सियासी निशाना साधा और अहीर कॉलेज को 36 बिरादरी की संपत्ति है। उन्होंने इसे नेशनल हेराल्ड से भी बड़ा मामला बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से मामले की ईडी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने मांग भी उठाई।

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