संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। ऑनलाइन मंगाई गई स्मार्ट वाच में खराबी मिलने के बाद भी न तो ई-कामर्स कंपनी ने घड़ी बदली और न ही उसे ठीक कराया। मामला जब जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा तो आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। उन्होंने घड़ी डिलीवरी करने वाली कंपनी फ्लिपकार्ट और घड़ी निर्माता कंपनी फायर बोर्ट को संयुक्त रूप से 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 11 हजार रुपये वाद खर्च देने के आदेश दिया है।
रेवाड़ी की जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र सिंह तंवर ने 14 फरवरी 2022 को फ्लिपकार्ट से स्मार्टवॉच मंगवाई थी। यह घड़ी 4999 में खरीदी थी। घड़ी मंगाने के कुछ समय बाद ही घड़ी में कुछ खराबी आने लगी। इसके बाद घड़ी ने काम करना बंद कर दिया जबकि कंपनी की ओर से 1 साल की वारंटी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने कंपनी को 5 जुलाई 2022 को लीगल नोटिस भी भेजा था लेकिन कंपनी ने ना तो घड़ी बदली और न ही घड़ी की कीमत वापस की। इसके बाद एडवोकेट नरेंद्र सिंह तंवर ने 11 जनवरी 2023 को जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दायर की थी।
मामले में फ्लिपकार्ट कंपनी की ओर से पेश हुए अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि उनकी कंपनी केवल ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म है, जिससे उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है। मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से आदेश दिया कि कंपनी केवल इस कारण से अपनी जिम्मेवारी से मुक्त नहीं हो सकती की वह मेन्यूफैक्चर कंपनी नहीं है। इस मामले में फायर बोर्ट कंपनी की तरफ से कोई शुरू से ही आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। आयोग ने घड़ी डिलीवरी करने वाली कंपनी फ्लिपकार्ट और घड़ी निर्माता कंपनी फायर बोर्ट को संयुक्त रूप से 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 11 हजार रुपये वाद खर्च देने के आदेश दिया है।