रेवाड़ी। शहर में खुले निजी अस्पतालों के पास खुद की पार्किंग तक नहीं है। हालात ऐसे हैं कि इन अस्पतालों की एंबुलेंस भी सड़क पर खड़ी हो रही हैं। उपचार के लिए आने वाले लोग बीच सड़क पर अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। इसकी वजह से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन लोग जाम में फंसते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों और काम-धंधे के लिए जाने वाले लोगों को हर रोज लेटलतीफी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के निजी अस्पतालों या नर्सिंग होम स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पॉलिसी अभी तक नहीं बनाई गई है। संबंधित अधिकारी कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन उनके पास ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने का कोई ठोस प्लान नहीं है। शहर में 30 से ज्यादा अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक में कुछ को छोड़कर पार्किंग की सुविधा नहीं है। दिन-प्रतिदिन ऐसे संस्थानों की संख्या और बढ़ती जा रही है। शहर में सर्कुलर रोड, गोशाला रोड, रेलवे स्टेशन मार्ग के अलावा कई अन्य जगहों पर निजी अस्पताल व क्लीनिक चल रहे हैं। अस्पतालों के पास अपनी खुद की एंबुलेंस खड़ी करने की भी जगह नहीं होती है। ज्यादातर क्लीनिक नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं करते और न ही उनके पास मरीजों के लिए तय मानकों के हिसाब से सुविधाएं हैं।
फुटपाथ और नालों पर भी कर दिया कब्जा
कई निजी अस्पतालों के स्वामियों ने फुटपाथों पर भी कब्जा कर रखा है। इसके अलावा नालों के ऊपर सीढि़यां बना रखी हैं, यही नहीं अस्पतालों के जो जनरेटर हैं वह भी नाले के ऊपर ही रखे गए हैं। ऐसे में अगर इन नालों की सफाई नगर परिषद की ओर से कराने की कोशिश भी की जाए तो काफी मुश्किल है। नालों पर अवैध कब्जे को लेकर नगर परिषद के अधिकारी भी लापरवाह बने हैं।
मरीजों के साथ आए लोग भी हैं परेशान
एक निजी अस्पताल में मरीज के साथ आए रोशनलाल ने बताया कि पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर गाड़ी खड़ी करनी मजबूरी है। सड़क पर बाइक खड़ी करने से गिरने या टूटने का डर बना रहता है। सर्कुलर रोड से गुजर रहे अभिषेक सिंह ने कहा कि लोगों द्वारा आधी सड़क तक गाड़ी खड़ी करने के कारण घंटों जाम से जूझना पड़ता है। जिससे लोग समय पर अपना कार्य नहीं कर पाते हैं और कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
सर्कुलर रोड पर सबसे ज्यादा अस्पताल
सबसे ज्यादा अस्पताल सर्कुलर रोड पर हैं। यहां पर कई बार स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो जाती है कि कई घंटों तक जाम लग जाता है। नाईवाली चौक के पास 2 से 3 किलोमीटर तक जाम लग जाता है। इसी मार्ग से लोग शहर के विभिन्न बाजारों में प्रवेश करते हैं। वहीं सड़कों की चौड़ाई भी काफी कम हो जाती है। कई बार तो दोपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे बने हैं नियम
निर्धारित नियमावली के तहत अस्पताल में जितने बेड हैं, उस हिसाब से वाहन पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। कुछ चिकित्सकों ने तो रहने के लिए बनाए गए आवास में ही नर्सिंग होम खोल रखे हैं। जहां पार्किंग की सुविधा नहीं है। फायर एनओसी को लेकर भी संशय बरकरार है। यहां तक कि किसी आपात स्थिति में निकलने के लिए इमरजेंसी निकास की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जहां पर दिक्कत
पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी