रेवाड़ी। तल्ख धूप और गर्मी के साथ ही चर्म रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इन दिनों चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅक्टरों के पास मरीजों की लंबी कतार लग रही है। चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार आनेवाले दिनों में चर्मरोग की समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती हैं।
नागरिक अस्पताल में स्केबीज के साथ एलर्जी के मामले ज्यादा आ रहे हैं। करीब एक सप्ताह से ओपीडी में चर्म रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन आने वाले मरीजों में चर्मरोगियों की संख्या 150 से 200 के करीब होती है।
फसल कटाई में बरतें सावधानी : एक ओर जहां लगातार तापमान बढ़ रहा है वहीं सरसों की कटाई आरंभ हो चुकी है। फसल कटाई के दौरान चर्म रोग और एलर्जी के मामले बढ़ने का अंदेशा रहता है। इस दौरान त्वचा में चकते पड़ना, खुजली, लाल दाने निकलने के साथ त्वचा शुष्क होने से दाद होने का खतरा रहता है। चर्म रोग विशेषज्ञ के अनुसार इन दिनों अधिकांश मरीज स्केबीज, एलर्जी और दाद से संबंधित आ रहे हैं। फसल कटाई के दौरान धूल-मिट्टी लगे हुए कपड़े ज्यादा देर तक पहनने, धूल मिट्टी त्वचा पर जमने, पसीना ज्यादा देर तक शरीर में होने के कारण त्वचा रोग को बढ़ावा मिलता है।
चर्म रोग से बचने के लिए यह बरते सावधानी
चर्म रोग से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। फसल कटाई के दौरान मुंह, सिर और कान को ढंककर रखें ताकि धूल मिट्टी का असर कम हो। खेत में फसल कटाई और सुखाने के बाद पहने हुए कपड़े तुरंत बदलें, शरीर में पसीना सूखने के बाद साफ पानी से नहाएं। नहाने के बाद पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं ताकि शुष्कता दूर हो सके। त्वचा में लाल चकत्ते, दाने निकलने या दाद दिखने पर चर्म रोग विशेषज्ञ से मिले। ज्यादा पानी पीएं, तरल पदार्थों का सेवन करने के साथ मौसम के अनुसार फल, विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करना चाहिए। तौलिया और पहने हुए कपड़े अच्छी तरह धोएं, धूप में कपड़ों को अच्छी तरह सुखाना चाहिए, धूप में नहीं सुखा रहे हैं तो कपड़ों को प्रेस करना चाहिए।
वर्जन :
फसल कटाई के दौरान शरीर की स्वच्छता का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक है। खेतों में काम करने के पश्चात शाम को आकर आवश्यक तौर पर नहा लें। धूल-मिट्टी के हाथ शरीर पर न लगाएं। अगर कोई दिक्कत हो तो तुरंत ही चिकित्सक से संपर्क करें, क्योंकि त्वचा रोग तेजी से बढ़ते हैं।-डाॅ. अनू जैन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।