संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कोरोना महामारी के बाद अब लोगों को इन्फ्लूएंजा वायरस का डर सताने लगा है। हालांकि अभी कोई इन्फ्लूएंजा का मरीज नहीं मिला है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए तैयारियां कर ली हैं। नागरिक अस्पताल में इंन्फ्लूएंजा पीड़ितों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। इसमें 10 बेड इमरजेंसी के लिए लगाए गए हैं। नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों में 20 प्रतिशत खांसी, जुकाम व बुखार पीड़ित होते हैं। इसको देखते हुए काफी सतर्कता बरती जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार प्रत्येक वर्ष इस सीजन में इन्फ्लूएंजा वायरस दस्तक देता है। बदलते मौसम की वजह से खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ना आम बात है लेकिन इन्फ्लूएंजा वायरस के वैरिएंट एच-3 एन-2 को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। चिकित्सकों ने इस वायरस को खतरनाक बताया है। इससे पीड़ित व्यक्ति ने अगर समय पर सावधानी नहीं बरती जाएं तो मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिक अस्पताल में इसकी जांच की व्यवस्था है।
अस्पतालों में खांसी, जुकाम व बुखार मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 350 मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम व बुखार से ग्रस्त मिलते हैं। चिकित्सक मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खांसी के साथ बुखार इन्फ्लूएंजा वायरस का लक्षण है। इस नए वायरस के चलते मरीजों को 15 से 20 दिन तक परेशानी उठानी पड़ रही है। चिकित्सक ने सुझाव दिया है कि अगर किसी व्यक्ति को इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकों से सलाह लें।
सभी बरतें सावधानी
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर परिवार के प्रत्येक सदस्यों को सावधानी बरतनी चाहिए। इन्फ्लूएंजा वायरस ग्रस्त मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करना चाहिए । गर्म पानी का सेवन ज्यादा अच्छा रहेगा। इन्फ्लूएंजा वायरस से पीड़ित को गर्म पानी से नहाना चाहिए। ऐसा करने से गले में जमा कफ पिघलता है। इसके अलावा स्टीम लेना बहुत असरकारक होता है। भाप लेने से सांस लेने में होने वाली दिक्कत में फायदा होता है। अजवाइन का पानी पीना चाहिए। इसके लिए अजवाइन को पानी में डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इस पानी को पिएं।
- वर्जन:
इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर मरीजों का सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसके लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकों से सलाह लें। चिकित्सकों के परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोते रहें।- उप सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार, नोडल अधिकारी, रेवाड़ी