संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने गांव धवाना निवासी किसान सुरेश कुमार को ट्यूबवेल का कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग के एसडीओ को सात दिन की मोहलत दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित समय में ट्यूबवेल कनेक्शन जारी न किया तो एसडीओ को 3 साल की जेल या एक लाख रुपये जुर्माना भुगतना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 72 का वर्णन करते हुए एसडीओ बुडोली विकासदीप को नोटिस जारी करते हुए हिदायत दी है कि किसान का कनेक्शन 7 दिन के अंदर जारी कर दिया जाए। अगर आदेश की अवहेलना की जाती है तो एसडीओ को जेल या जुर्माना या दोनों ही सजा दी जा सकती है। इस आदेश का पालन करते हुए एसडीओ को आगामी 23 मई को उपभोक्ता आयोग में कनेक्शन जारी करने की रिपोर्ट पेश करनी है।
आयोग के आदेश पर नहीं किया अमल
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा ने आदेश में कहा है कि शिकायतकर्ता गांव धवाना निवासी सुरेश कुमार ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। लेकिन, जमीन में दूसरे हिस्सेदार की ओर से एफिडेविट मांगने के कारण बिजली निगम ने उसका नया ट्यूबवेल कनेक्शन जारी नहीं किया। सुरेश कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में 2019 में शिकायत दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने 45 दिन में ट्यूबवेल का कनेक्शन जारी करने और 50 हजार रुपये की जुर्माना राशि और 11 हजार रुपये वाद खर्च सहित शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया था। यह आदेश 4 अक्तूबर 2022 को दिए गए थे, लेकिन शिकायतकर्ता का न तो ट्यूबवेल कनेक्शन जोड़ा गया न ही जुर्माना राशि अदा की गई।
एसडीओ ने रखा था ये पक्ष
उपभोक्ता आयोग के समक्ष उपस्थित होकर एसडीओ ने कहा था कि मौका देखने के बाद पता लगा कि शिकायतकर्ता ने सोलर ट्यूबवेल लगाया हुआ है, इसलिए कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता। जबकि उपभोक्ता ने आरोप लगाया था कि यह नियम उसके ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लागू नहीं होता। वहीं, जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायतकर्ता ने अपना हलफनामा दायर कर स्पष्ट कर दिया था कि वह अपना सोलर कनेक्शन तुरंत प्रभाव से हटा लेगा।