संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला शिक्षा कार्यालय में शनिवार को शिक्षा निदेशक अशोक कुमार गर्ग ने शिक्षकों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह और मौलिक शिक्षा अधिकारी विरेंद्र नारा ने की। कार्यक्रम में शिक्षकों, प्राइमरी स्कूलों के हैड मास्टरों और सभी प्राचार्य ने अपने-अपने स्कूल से संबंधित समस्याएं निदेशक को बताईं।
वहीं, शिक्षा विभाग के कार्यों को और ज्यादा बेहतर करने संबंधी सुझाव भी रखे। निदेशक अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि शिक्षक समाज की धुरी है। एक शिक्षक ही समाज को अच्छा और बुरा बना सकता है। अभी भी सबसे ज्यादा शिक्षक ही ईमानदार हैं। शिक्षक के ऊपर शिक्षा के माध्यम से समाज को अच्छा बनाने की जिम्मेदारी है।
निदेशक को समस्याएं सुनाते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ प्रधान बबरू भान ने बताया कि रामपुरा स्कूल में 180 बच्चे हैं लेकिन स्कूल की बिल्डिंग छोटी है जिस कारण बच्चों को धर्मशाला में पढ़ना पड़ता है। वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। शिक्षकों ने चिराग योजना को लेकर कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को खत्म करना चाहती है, इसलिए चिराग योजना लेकर आई है। उन्होंने बताया कि सरकार मॉडल संस्कृति स्कूलों में बच्चों से फीस वसूल रही है और चिराग योजना के अंतर्गत बच्चों को निजी स्कूलों में फ्री में दाखिला दिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में पढ़े लिखे शिक्षक हैं, जो लंबी प्रक्रिया के बाद नौकरी करने आए हैं, लेकिन सरकार फिर भी बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रही है।
अपनी समस्या बताते हुए शिक्षकों ने कहा कि उत्तम नगर और विजय नगर में सरकारी स्कूल की व्यवस्था नहीं है। वहां एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था की जाए ताकि वहां के बच्चे सही से शिक्षा ग्रहण कर सकें। इसके साथ ही कई शिक्षकों ने अवैध रूप से चल रहे प्ले स्कूलों को बंद करने की बात कही। शिक्षकों ने कहा कि सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों की तरह प्राइमरी स्कूलों में भी योग शिक्षक होना चाहिए ताकि बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास हो सके। अगर छोटी उम्र में बच्चों की आदत खेलों में डाली जाएगी तभी हर एक स्कूल से नीरज चौपड़ा जैसे खिलाड़ी निकलेंगे।
निदेशक ने मांग पूरी करने का दिया आश्वासन
शिक्षा निदेशक अशोक कुमार गर्ग ने सभी शिक्षकों को उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने काफी अच्छे सुझाव दिए हैं। साथ ही मूल समस्याओं को उनके संज्ञान में लाया गया है। जिन समस्याओं को वह डीसी रहते हल नहीं कर सके, उन समस्याओं को वह निदेशक रहकर हल करने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के अंत में निदेशक गर्ग ने जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह व मौलिक शिक्षा अधिकारी विरेन्द्र सिंह नारा को कार्यक्रम में बुलाने के लिए आभार जताया। इस मौके पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सतपाल धूपिया व राजकुमार जलवा, ब्लॉक रिसॉर्स कॉ-ऑर्डिनेटर पृथ्वी सिंह व करीब सौ शिक्षक, हेडमास्टर और अन्य मौजूद रहे।