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Rewari News: ई-टेंडरिंग के विरोध में उतरे सरपंच, नाहड़ बीडीपीओ कार्यालय पर जड़ा ताला, दो घंटे रहा कार्य बाधित

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नाहड़ पंचायत अधिकारी कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठे विभिन्न गांवों के सरपंच। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। ई-टेंडरिंग के विरोध में सरंपचों के आंदोलन के एलान का असर सोमवार को जिले में भी दिखाई दिया। सरपंचों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, नाहड़ में सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान बीडीपीओ भी कार्यालय के अंदर ही बंद रहे। वहीं, धारूहेड़ा बीडीपीओ कार्यालय के सामने धरना दिया गया। इससे आमजन को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सरपंचों का कहना है कि जब तक ई-टेंडरिंग के निर्णय को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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नाहड़ खंड सरपंच एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह नाहड़, उप प्रधान सरपंच भाकली श्याम सिंह, महासचिव सरपंच नेहरूगढ़ आशीष कुमार, श्यामनगर सरपंच सुरेन्द्र यादव, सहादत्तनगर सरपंच पहलाद सिंह सहित 30 से अधिक सरपंचों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। ब्लाक कार्यालय के ताला लगाने की सूचना के बाद भारी पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने सरपंचों को मनाने की कोशिश की, लेकिन सभी सरपंचों ने ताला जड़ दिया तथा कार्यालय के बाहर ही धरना पर बैठ गए। इस पूर्व सरपंचों ने कार्यालय के अंदर बैठे बीडीपीओ को कार्यालय से बाहर जाने को कहा, लेकिन वह कार्यालय से बाहर नहीं निकले तो गुस्साए सरपंचों ने कार्यालय पर ताला जड़ दिया। इस दौरान बीडीपीओ कार्यालय के अंदर ही बंद हो गए।
एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने जल्द ही सरंपचों को कम से कम 20 लाख रुपये के विकास कार्य कराने की शक्ति नहीं मिली तो सभी सरपंच अपने चार्ज लिए सभी कागजात व रिकॉर्ड खंड कार्यालय में जमा करा देंगे। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग के नाम पर ठेकेदारों के माध्यम से धांधली के लिए एक पॉलिसी लाई गई है। जो फैसला सरकार ले रही है वो गांव के विकास के विरोध फैसला है। सरकार को चाहिए कि ये फैसला वापस ले।
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विवादों में रहेगा सरपंच पद
सरपंचों ने कहा कि सरपंच पद को लेकर विवाद बना रहेगा। अगर सरपंच विवादों में ही उलझा रहेगा तो वह गांव का विकास कैसे करा पाएगा। ई-टेंडरिंग प्रणाली भी विकास कार्यों को तेजी से करवाने में बाधा बनेगी।
धारूहेड़ा में प्रदर्शन
गांव मसानी में ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंचों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालय के मेन गेट के बाहर धरना दिया। सोमवार दोपहर 12 बजे सभी सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे और कार्यालय को ताला जड़ने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें ताला नहीं जड़ने दिया। इसके बाद गुस्साएं सरपंचों ने कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। इस दौरान यहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
क्या है ई-टेंडरिंग प्रक्रिया
सरकार की ओर से जारी की गई नई ई-टेंडरिंग व्यवस्था के तहत पूरी टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। टेंडर के लिए अब लोगों को संबंधित विभाग की वेबसाइट पर जाकर फार्म भरने से लेकर, टेंडर खुलने, रिजेक्ट होने तथा मिलने संबंधी सभी जानकारियां घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इसके लागू होने के बाद सरपंच केवल 2 लाख रुपये तक के विकास कार्य करवा सकेगा। इससे ऊपर की राशि के विकास कार्यों के ई-टेंडरिंग प्रणाली से कार्य कराने होंगे, जिसमें सरपंच को कोई लेना-देना नहीं होगा।
लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
नाहड़ में करीब दो घंटे तक बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ दिए जाने के बाद आमजन को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उस्मापुर निवासी राजेश कुमार, सुमन देवी व सतीश कुमार ने बताया कि वह बीडीपीओ कार्यालय में मनरेगा की मजदूरी के पैसे लेने के लिए आए थे, लेकिन कार्यालय बंद करने की सूचना मिली। धनराशि नहीं मिलने से परेशानी बनी है। गांव भाकली निवासी सोनू भी गांव में सफाई कार्य नहीं होने की शिकायत देने आया था।
कब्जे की कार्रवाई की स्थगित
वहीं नाहड़ बीडीपीओ प्रशासन की ओर से सोमवार को गांव झोलरी में कब्जे की कार्रवाई करनी थी, लेकिन सरपंचों के तालाबंदी के कारण बीडीपीओ प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
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