रेवाड़ी। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को बुखार पीड़ित 159 लोगों के रक्त की जांच की। रिपोर्ट में डेंगू के 13 मरीज पाए गए हैं। इनमें जालियावास में 1, टांकड़ी में 1, पनवाड़ में 1, फदनी में 1, कसोला में 1, सेक्टर-1 में 1, मॉडल टाउन में 1, आदर्श नगर में 2, विकास नगर में 2, हंस नगर में 1, बल्लूवाड़ा में 1 मरीज मिला है।
शहर में अपेक्षाकृत फॉगिंग नहीं करवाई गई है। इससे अधिकतर डेंगे के मरीज शहर में ही मिल रहे हैं। जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 163 हो गई है। 140 मरीज ठीक हो चुके हैं। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या देखकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क हो गई हैं। लगातार घर-घर सर्वे किया जा रहा है।
अभी तक जिलेभर के 1625471 घरों की जांच की चुकी है। मच्छरों का लार्वा मिलने पर 3805 घरों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। सभी मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। विभाग ने अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर में तैनात किए हुए हैं। अबतक रेवाड़ी शहर में 80, सीएचसी गुरवाड़ा में 15, सीएचसी मीरपुर में 24, सीएचसी बावल में 16, सीएचसी खोल में 9 और सीएचसी नाहड़ में 19 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास सफाई रखें। ठहरे पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहें। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
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वर्जन
डेंगू को नियंत्रित करने के लिए घर-घर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। लोगों से भी अपील है कि लार्वा आसपास न पनपने दें। - डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी, रेवाड़ी।
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पिछले 10 साल के डेंगू के केस
वर्ष केस
2015- 10
2016- 10
2017- 137
2018- 82
2019- 27
2020- 39
2021- 306
2022- 324
2023- 406
2024- 163 अभी तक