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बावल में बुलडोजर चलने पर बवाल

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जिले की बावल नगर पालिका के नए चेयरमैन एडवोकेट विरेंद्र सिंह महलावत एवं नगर पार्षदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम अभी संपन्न भी नहीं हुआ था कि बावल के खेड़ा रोड पर बवाल हो गया। डीटीपी का तोड़ फोड़ दस्ता जिसका नेतृत्व डीटीपी कार्यालय के एक अधिकारी वेदप्रकाश कर रहे थे, नप चेयरमैन की चहारदीवारी में अतिक्रमण गिराने पहुंच गया।
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यह सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने टीम को घेर लिया। सूचना मिलने के बाद नए चेयरमैन विरेंद्र सिंह महलावत भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने डीटीपी टीम की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई गैर कानूनी कार्रवाई करार देते हुए डीटीपी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग उठाई। उधर एसडीएम बावल संजीव कुमार और डीएसपी राजेश लोहान घटनाक्रम की सूचना मिलने के बाद लोगों को समझा बुझाकर डीटीपी की टीम को वापस ले जाए। इन दोनों अधिकारियों ने चेयरमैन और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
बता दें वीरवार को नए चेयरमैन विरेंद्र सिंह महलावत और नगर पार्षदों को शपथ दिलाने का कार्यक्रम नगर पालिका सभागार में चल रहा था। उसी दौरान चेयरमैन की अपने भाइयों के साथ मिलकर खरीदी गई करीब 2 एकड़ जमीन जो खेड़ा रोड पर है वहां डीटीपी की टीम चहारदिवारी गिराने पहुंच गई। जैसे ही इस टीम ने डीटीपी और दीवार पर बुलडोजर चलाया उसके साथ ही बवाल हो गया। डीटीपी टीम के कुछ निर्माण गिराने के बाद वहां चेयरमैन के समर्थक पहुंच गए। डीटीपी टीम को चारों ओर से घेर लिया गया।
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डीटीपी ने यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दबाव में की है। उनकी जीत को भाजपा नेता बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। डीटीपी ने बिना कोई नोटिस दिए यह कार्रवाई की है। एक मंत्री के इशारे पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। अगर निर्माण अवैध थे, तो गिराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी परंतु इससे पहले उन्हें नोटिस दिया जाना चाहिए था। वे कानून के दायरे में रहते हुए डीटीपी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अगर पुलिस डीटीपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं करेगी, तो वह कोर्ट का सहारा लेंगे। तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई डीटीपी से कराई जाएगी।
-विरेंद्र महलावत, चेयरमैन।
लोगों को समझाने का प्रयास भी किया कि उन्होंने हाल में जिले का कार्यभार संभाला है। उन्हें नोटिस दिए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं। कंट्रोल्ड एरिया में निर्माण तोड़ने की फाइल पहले से तैयार थी। डीसी से अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई जो रूटीन कार्रवाई है। उन पर किसी का कोई दबाव नहीं था।
-वेदप्रकाश, डीटीपी।
थाने में दी शिकायत
एसडीएम और डीएसपी दोनों पक्षों को बावल थाने ले गए। वहां बड़ी संख्या में चेयरमैन समर्थक वकील भी पहुंच गए। विरेंद्र महलावत ने डीटीपी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम और डीएसपी ने मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही करने का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हो गया।
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