रेवाड़ी। सुनील भार्गव। स्रोत : वकील
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग ने लिबर्टी शोरूम पर जूता वापस नहीं लेने पर जुर्माना लगाया है। आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा और सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने 1 मई को फैसले में लिबर्टी शोरूम को आदेश दिया है कि जूते के 3299 रुपये 9% ब्याज के हिसाब से 45 दिन के अंदर वापस करना होगा। यदि समय पर पैसा वापस नहीं किया गया तो लिबर्टी शोरूम को 12% ब्याज के हिसाब से रकम देना होगा।
कहा कि इसके साथ ही 10 हजार रुपये की राशि मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देनी होगी। अगर शोरूम यह अदायगी नहीं करता है तो उपभोक्ता को यह अधिकार होगा की वह यह राशि प्राप्त करने के लिए आयोग में दोबारा शिकायत दायर कर सकता है। इसमें लिबर्टी शोरूम के मैनेजर और कंपनी के मालिक को 3 साल की कैद या एक लाख जुर्माना और दोनों हो सकता है।
सीएलजी कमेटी के चेयरमैन अधिवक्ता सुनील भार्गव ने शिकायत जिला उपभोक्ता आयोग में दायर की थी। इसमें बताया था कि उन्होंने एक जोड़ी जूता लिबर्टी शोरूम रेवाड़ी से 3299 रुपये में खरीदा था, लेकिन कुछ दिनों के बाद वह जूता नीचे से उखड़ गया। जब लिबर्टी शोरूम पर जूते को दिखाने गए तो शोरूम के मैनेजर ने वापस लेने से मना कर दिया। कहा कि जूता वारंटी अवधि से बाहर है। जूते की वारंटी 6 माह थी। सुनील भार्गव को साढ़े 6 माह हो गए थे। सुनील भार्गव का कहना था कि उन्होंने जूता केवल तीन से चार बार ही पहना था। इसके बावजूद जूता नीचे से उखड़ गया। परेशान होकर सुनील भार्गव ने शिकायत उपभोक्ता आयोग में दायर की थी।