रेवाड़ी। बावल चौक के साथ लगती शहर का दिल कहलाने वाली ब्रास मार्केट में वीरवार की सुबह दुकानें खुलने के बाद वाहन पार्किंग लेने वाली टीम अचानक आ धमकी, जिसकी सूचना मिलने के बाद सभी दुकानदार लामबंद हो गए और दोनों पक्ष आमने-सामने डट गए। स्थिति बिगड़ते देखकर मौके पर पुलिस को बुलवाना पड़ा।
पुलिस ने वाहन पार्किंग टीम के सदस्यों और दुकानदारों को नगर परिषद के सामने अपनी बात रखने का आग्रह किया। दोनों पक्ष अपनी ओर से नगर परिषद में अपना पक्ष दर्ज करने की बात कहने लगे। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नप अधिकारियों तक इस मामले की सूचना पहुंचाई। बाद में यथा स्थिति बरकरार रखने का निर्देश देकर पुलिस ने दुकानदारों और वाहन पार्किंग टीम के सदस्यों को समझा - बुझाकर यह मामला शांत करा दिया।
उधर इस मामले में ब्रास मार्केट के दुकानदार किसी भी सूरत में यहां वाहन पार्किंग नहीं लगने देने के मूड में नजर आए। उधर, वाहन पार्किंग एजेंसी के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनको कानूनी तौर पर इस जगह पर वाहन पार्किंग वसूलने की अनुमति मिली है और उनको रोजाना हजारों का नुकसान हो रहा है। हम दुकानदारों की सहमति से यहां अपना काम करना चाहते हैं मगर दुकानदार ऐसा करने से रोक रहे हैं। व्यापारी मनोज यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि कोरोना काल में आर्थिक कमजोर हुए व्यापारी वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़े। यहां वाहन पार्किंग के नाम पर दुकानदारों और ग्राहकों की जेब काटने की तैयारी चल रही है, जो जनहित में नहीं है। हमने सरकार को पैसा देकर यहां जगह खरीदी और यह जगह नगर परिषद की नहीं है। हम पर जबरन वाहन पार्किंग ना थोंपी जाए। इस मामले पर व्यापारी हैप्पी मनचंदा, पवन कुमार, बलबीर सिंह, दीपक सोनी, नीरज गुप्ता, मुकेश कुमार आदि का कहना है कि हमने सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई हुई है और इस सूरत में वाहन पार्किंग एजेंसी के लोग जबरन पार्किंग वसूलने की कोशिश करेंगे तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और दुकानदार इस मामले में विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखने का अहम निर्णय भी ले सकते हैं।
इस संबंध में वीरवार को सचिवालय में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भी ब्रास मार्केट के व्यापारियों की ओर से दो व्यापारियों नीरज गुप्ता और डा. कंवर सिंह ने एक ज्ञापन सौंपा है। चूंकि उप मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए अधिक लोगों को जाने की अनुमति नहीं मिली, तब ब्रास मार्केट से दो व्यापारी मार्केट प्रतिनिधि के रूप में उनसे मिले और इस समस्या पर अपनी बात रखते हुए ज्ञापन सौंपा।