रेवाड़ी में चाइनीज मांझे के खिलाफ प्रशासन की तमाम अपील, सख्ती, जागरूकता धरी रह गई। रविवार को बाइक लेकर मंदिर में माथा टेकने आ रहा युवक शहर के झज्जर फ्लाईओवर के पास चाइनीज मांझे से गर्दन कटने व बाइक डिवाइडर से टकराने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सोमवार की शाम को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रवीण ट्रामा सेंटर में पिछले डेढ़ साल से कार्यरत था।
मोहल्ला संघी का बास निवासी 27 वर्षीय प्रवीण गोकलगढ़ के समीप कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। रविवार शाम को करीब 6:30 बजे वह शहर के रविदास मंदिर में पूजा पाठ करने के लिए बाइक से आ रहा था। जब वह फ्लाईओवर के पास पहुंचा तो चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई और बाइक उसकी डिवाइडर से जा टकराई।
इस हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आसपास के लोगों ने उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया। यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे जयपुर के निजी अस्पताल ले गए थे। उसके परिवार में उसकी मां व छोटा भाई है। वह भाई से बड़ा था।
इस माह हो चुके हैं कई हादसे
चाइनीज मांझा हर साल कई लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। कई लोगों के गले, हाथ, नाक और कान कट रहे हैं। इस माह शहर के एक मोहल्ले में 10 दिसंबर शाम को पतंगबाजी के दौरान एक युवक की अंगुली गंभीर रूप से कट गई। अगले दिन ही बाइक से घर जा रहे जखाला निवासी एक युवक के गले में अचानक चाइनीज मांझा फंस गया था। इससे वह घायल हो गया था। गनीमत यह रही उसके गले पर तौलिया था। साथ ही इस हादसे से पिछले दो दिन में इस तरह के दो अन्य हादसे भी सामने आए थे।
दो साल पहले भी हुआ था हादसा
दो साल पहले चाइनीज मांझे की चपेट में आने से मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी अशोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं पिछले साल तीज के दिन चार लोग गर्दन में मांझा फंसने से घायल हो गए थे। हालांकि उन्हें ज्यादा कट नहीं लगा, लेकिन शरीर की सबसे संवेदनशील जगह गर्दन पर कट लगने से बना जख्म बहुत दिन बाद भरा।