एक्साइज ड्यूटी लगने और खरीद पर पेन नंबर अनिवार्य किए जाने की केंद्र सरकार की शर्त के खिलाफ पिछले छह दिनों से सर्राफा दुकानें बंद कर धरने पर बैठ प्रदर्शन कर रहे स्वर्णकारों ने सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंका। पुतला फूंकने के बाद व्यापारियों ने कहा कि आज केंद्र सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली हमारे बीच नहीं रहे। मोदी सरकार को व्यापारी विरोधी सरकार बताते हुए स्वर्णकारों ने अगली बार सरकार न बनने देने का भी संकल्प लिया। इससे पहले पचास से अधिक संख्या में मौजूद स्वर्णकारों ने मोती चौक और उसके आसपास के एरिये में जूते की माला पहनाकर पुतले को घुमाया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। व्यापारियों के हाथ में काला कानून वापस लो, मोदी सरकार विरोधी पट्टियां भी थीं।
अंत समय बदली पुतला फूंकने की जगह
स्वर्णकारों ने पहले पुतला फूंकने की जगह मोती चौक रखी थी लेकिन चौक पर पहुंचते ही अंत समय में पुतला जलाने की जगह बदल दी गई। मोती चौक से सभी व्यापारी वित्त मंत्री का पुतला लेकर दुर्गा मंदिर के पास बने धरनास्थल पर ले गए। जहां चौराहे पर वित्त मंत्री का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों में ये व्यापारी थे मौजूद
सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र जैन, प्रवीण जैन, नीरज सोनी, पूरन सोनी, प्रदीप जैन, प्रवीण जैन, पवन बत्तरा, भगवानदास, रामू गुप्ता, अक्षय जाना आदि। प्रवीण जैन ने बताया कि धरना कब तक रहेगा, इस बात का फैसला ऊपर बात कर लिया जाएगा।