रेवाड़ी। तीन जनवरी को शुरू हुई पटवारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो चुकी है। सोमवार से पटवारियों ने अपना कार्यभार संभाला। इस दौरान लोगों को भी बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिली। करीब 38 दिन बाद पटवार भवन खुलने पर लोग अपने कार्य करवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान इस दौरान रजिस्ट्री डोमिसाइल इंतकाल में अन्य कारों के लिए लोग पटवारी के पास पहुंचे और अपना कार्य पूरा करवाया। जिले में 67 पटवारी व 16 कानूनगों कार्यरत हैं। सभी हड़ताल पर थे। सोमवार को करीब 3 करोड़ के आसपास का राजस्व हुआ है। 180 के आसपास रोजाना रजिस्ट्री हुई हैं।
पटवारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से पटवारियों की प्रमुख मांगे माने जाने पर सभी ने हरियाणा सरकार, संबंधित अधिकारियों व जिला प्रशासन का धन्यवाद किया और आपस में मिठाई खिलाकर सभी का धन्यवाद किया गया व खुशी प्रकट की गई। जिला प्रधान बलजीत यादव व जिला सचिव रणबीर सिंह ने समस्त पटवारियों व कानूनगो की एकजुटता का धन्यवाद किया।
लोगों के हो रहे काम
राजेश ने बताया कि वह रजिस्ट्री करवाने के लिए पटवार भवन में आया था। लंबे समय बाद पटवारी अपने कार्य पर पहुंचे हैं। काफी समस्या हुई, लेकिन काम पूरा हो चुका है। निरंजन ने बताया कि उसे डोमिसाइल बनवाना था। पटवारी हड़ताल थे, काफी परेशानी हो रही थी। हालांकि, अब उसने बनवा लिया है।
यूनियन की यह थी मांगें
यूनियन के मुताबिक नया वेतनमान सरकार ने 32100 लागू किया है, यह 1 जनवरी 2016 से नोशवली व जनवरी 2023 से वास्तविक रुप से लागू करना। पिछले साल मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वेतनमान बढ़ाने का जो वादा किया था उसको पूर्ण रूप से अमलीजामा नहीं पहनाया गया था।
काफी दिनों बाद पटवार भवन खुला। सोमवार को जाकर अपना कार्य पूरा करवाया। काफी समस्या हो रही थी। अब काम समय पर पूरे होंगे लोगों को भी राहत मिलेगी।
उमाशंकर
सरकार ने हमारी मांगों को मान लिया है। पटवारियों ने अपना कार्य नियमित शुरू कर दिया है। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी अब नहीं होने दी जाएगी।
नितेश, पटवारी
सोमवार से काम शुरू हो चुका है। अब लोग पटवार भवन में अपने कार्यों के लिए आ सकते हैं। उनका कार्य जरूर होगा। लोग काफी समय से परेशान थे।
जीत सिंह, पटवारी
हड़ताल हमारी मजबूरी थी, लेकिन अब जब मांगे मान ली गई हैं तो सभी पटवारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है और अपने कार्य को लौट आए हैं। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
सुखपाल, पटवारी