रेवाड़ी। मार्च में मिलावटी डीजल आपूर्ति के मामले में अब संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रोडवेज जीएम ने एफआईआर दर्ज करने के लिए कानोड गेट पुलिस चौकी को पत्र लिखा है।
फरवरी के अंत में आई डीजल की सप्लाई के बाद बीएस-6 मॉडल की बसों में तकनीकी खराबियां आनी शुरू हो गई थीं। डिपो के अधिकारियों ने प्राइवेट फर्म की डीजल आपूर्ति रोकने के बाद आईओसी से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया था। इसके बाद बसों के पंप और फिल्टर यूनिट साफ करने के बाद बसों का संचालन शुरू किया गया था। 30 बसें प्रभावित हुई थीं।
बताया जाता है कि लंबे समय से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के करनावास पंप से रोडवेज डिपो में डीजल की आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन 2 रुपये कम के चक्कर में एक निजी पंप को रोडवेज ने आपूर्ति का ठेका दे दिया गया था। डीजल में मिलावट का संदेह हुआ तो बदलकर आईओसीएल से सप्लाई शुरू की।
इंसेट
संबंधित फर्म के खिलाफ विभाग को करनी चाहिए सख्त कार्रवाई
बस डिपो कर्मचारी यूनियन प्रधान राजपाल यादव ने बताया कि मिलावटी डीजल के कारण बसों को नुकसान हुआ है। बसें से अभी भी धुआं निकल रहा है। रास्ते में चलते-चलते ही बंद हो जाती हैं। इससे सबसे अधिक दिल्ली का रूट प्रभावित हुआ है। इससे रोडवेज की कमाई भी प्रभावित हुई है। विभाग को जो नुकसान हुआ है, इसकी वसूली दोषियों से ही की जानी चाहिए। विभाग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वर्जन
मुख्यालय से संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। पुलिस को केस दर्ज करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है।-देवदत्त, महाप्रबंधक रोडवेज रेवाड़ी।