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Rewari News: महिला कालेज की मरम्मत का एस्टीमेट रद्द, कमराें की छतों से गिरता है प्लास्टर

Sun, 07 May 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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सेक्टर 18 स्थित राजकीय महाविद्यालय की जर्जर बिल्डिंग।
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फोटो: 14 से 16
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-अधिकारियों की लापरवाही के चलते दोबारा भेजना पड़ा एक करोड़ 10 लाख रुपये का एस्टीमेट

संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के सेक्टर-18 स्थित गर्ल्स कॉलेज की बिल्डिंग के मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से भेजा गया एस्टीमेट तकनीकी कारणों से रद कर दिया गया है। ऐसे में विभाग ने दोबारा एस्टीमेट तैयार करके हायर एजुकेशन निदेशालय को भेजा है। विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा काॅलेज में अध्ययनरत 3500 छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
कॉलेज के कमराें की छतों से प्लास्टर गिरता रहता है जिससे छात्राओं पर खतरा मंडरा रहा है। तत्कालीन डीसी अशोक कुमार गर्ग ने आला अधिकारियों के साथ कॉलेज की बिल्डिंग का निरीक्षण कर संबंधित विभाग को जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद फरवरी 2023 में बिल्डिंग की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने हायर एजुकेेशन को 1 करोड़ 10 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। पीडब्ल्यूडी ने अब दोबारा अप्रैल माह से एस्टीमेट बनाकर भेजा है। जिसका पैसा जून माह तक आने की संभावना है।
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10 साल से मरम्मत नहीं हुई
गर्ल्स कॉलेज की बिल्डिंग को बने हुए 10 साल हो गए हैं, लेकिन तब से लेकर अब तक कोई मरम्मत नहीं हुई है। ऐसे में बाहर से देखने पर लगता है कि बिल्डिंग को बने हुए वर्षों बीत गए। मरम्मत के अभाव में छत व दीवारों का प्लास्टर गिरने से कई बार यहां हादसे भी होते-होते बचे हैं।

दीवारों से भी गिरता रहता है प्लास्टर
वर्ष 2012 में कॉलेज की बिल्डिंग में कक्षाएं लगनी आरंभ हो गई थी, लेकिन उस समय भी भवन निर्माण कार्य चल रहा था। कॉलेज की बिल्डिंग व हॉस्टल वर्ष 2016 में हेंडओवर हुए थे, लेकिन तब से ही प्लास्टर गिरने की शिकायतें होने लगी थी। कई जगह से तो बिल्डिंग ऐसी लगती है कि कॉलेज वर्षों पुराना हो चुका है।

हॉस्टल भी होने लगा जर्जर:
कॉलेज के हॉस्टल में परीक्षा के दौरान दूर-दराज से आने वाली छात्राएं यहां ठहरती भी हैं, मगर हॉस्टल की बिल्डिंग का भी कुछ ऐसा ही हाल है। हॉस्टल की दीवारों से भी प्लास्टर गिरता रहता है। अब इस प्रपोजल के मंजूरी मिलते ही रिपेयरिंग का कार्य शुरू हो जाएगा।
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एस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा : एक्सईएन
फरवरी माह में भेजे गए एस्टीमेट में कुछ तकनीकि समस्या आ गई थी, जिस कारण अब दोबारा कॉलेज की बिल्डिंग मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर उसे निदेशालय को भिजवा दिया है। वहां से इसे हायर एजुकेशन को भेजा जाएगा। जल्द ही स्वीकृति मिल जाए, इसके लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
- आदित्य देशवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, रेवाड़ी

जून तक एस्टीमेट पास होने की उम्मीद : प्राचार्य
उम्मीद है कि जून तक एस्टीमेट पास हो जाएगा, जिसके बाद कॉलेज की बिल्डिंग की मरम्मत का कार्य शुरू हो पाएगा।
- डॉ. ज्योति यादव, प्राचार्य, सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज, रेवाड़ी।
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