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Rewari News: विख्यात संगीतज्ञ पं. सुभाष चंद्र घोष ने नवस्वर रागिनी वीणा पर छेड़ी स्वर लहरियां

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रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह सूचना जनसंपर्क, भाषा तथा संस्कृति विभाग के तत्वावधान में वीरवार को किशन लाल पब्लिक कालेज में बतौर मुख्यातिथि संगीत कार्यक्रम एवं व्याख्यान का शुभारंभ करने पहुंचे। इस दौरान कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र नारा व कॉलेज प्राचार्या डॉ. कविता गुप्ता बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआईपीआरओ दिनेश कुमार ने की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में प्रवक्ता ज्योत्सना यादव ने सूत्रधार की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
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डीआईपीआरओ दिनेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संगीत कार्यक्रम एवं व्याख्यान का आयोजन विख्यात संगीतज्ञ पं. सुभाष चंद्र घोष की ओर से किया जा रहा है। मुख्यातिथि व अन्य विशिष्ट अतिथि की ओर से पं. घोष व उनकी टीम का मान-सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि डीईओ नसीब सिंह ने कहा कि शास्त्रीय संगीत की धुनों को सुनकर अलग ही आनंद का अनुभव हुआ है और यह संगीतमय उन्हें ताउम्र याद रहेगी।

शास्त्रीय संगीत की दी शानदार प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में विख्यात संगीतज्ञ पंडित सुभाष चंद्र घोष ने शास्त्रीय संगीत की एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत का महत्व विश्व भर में हैं और इस प्रकार के आयोजन से शास्त्रीय संगीत की आमजन तक पहुंच संभव हुई है। इसके साथ ही मनोरंजन की यह विधा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है। पंडित सुभाष चंद्र घोष ने शुरूआत में पायो-जी-मैंने-राम-रतन-धन-पाया गीत की धुन से कार्यक्रम का आगाज किया व इसके बाद कई भजनों की धुनों की प्रस्तुति पेश की। शास्त्रीय संगीत की धुनों को सुनकर सभागार में मौजूद युवाओं ने संगीत विधा का भरपूर आनंद लिया।
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नवस्वर रागनी वाद्ययंत्र, निकलती हैं तीन धुन एक साथ

संगीत का शौक किस कदर जुनूनी बना सकता है। इसका जीवंत उदाहरण विख्यात संगीतज्ञ सुभाष चंद्र घोष हैं। पंडित सुभाष घोष ने मंच से बताया कि उन्होंने सालों की मेहनत के बाद नव स्वर रागनी वाद्य यंत्र बनाया है जो तीन धुनों को एक साथ निकालता है। इस वाद्य यंत्र को बनाने में करीब छह साल का समय लगा। वाद्य यंत्र एक लकड़ी पर बना हुआ है जिससे शास्त्रीय संगीत, गायकी अंग व पाश्चात्य संगीत की धुनें निकलती हैं। उन्होंने बताया कि यह यंत्र विश्व में एक है। कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे संगीतकार सुभाष चंद्र घोष ने इस यंत्र के खूबियों के बारे में बताया। सुभाष चंद्र घोष की टीम में युनूस हुसैन खान, सुरेश शर्मा व अक्षय कौशल ने अपने वाद्य यंत्र के साथ बेहतरीन प्रस्तुति दी।
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