रेवाड़ी। धारूहेड़ा नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन एवं पार्षद सुमित्रा मुकदम व ट्रक यूनियन के प्रधान इंद्रपाल मुकदम ने तिजारा (राजस्थान) के विधायक बाबा बालक नाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने धारूहेड़ा-भिवाड़ी सीमा पर बने रैंप के बारे में बातचीत की। साथ ही अवगत कराया कि भिवाड़ी की तरफ से नाले के माध्यम से गंदा पानी आ रहा है। इससे आने वाले दिनों में स्थिति खराब भी हो सकती है। हालांकि, अभी पानी कम आ रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो स्थिति बिगड़ सकती है। इसके स्थाई समाधान की मांग की गई। वहीं, तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ ने समस्या सुनने के बाद आश्वासन दिया है कि जल्द ही अब इसका समाधान होगा। इसके लिए अब बातचीत शुरू की जाएगी और इसका समाधान कराया जाएगा। यह समस्या केवल धारूहेड़ा के लिए ही नहीं। भिवाड़ी के लिए भी है। मौजूदा समय में भिवाड़ी के लोग गंदे पानी के भराव के कारण काफी परेशान हैं। उनके पास भी इस प्रकार की शिकायतें काफी आ रही है।
मौजूदा समय में भिवाड़ी में मॉडर्न पब्लिक स्कूल के साथ-साथ बीड़ा ऑफिस के सामने तक पानी भर चुका है। हाल ही विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले गत 24 नवम्बर को तिजारा विधायक महंत बालकनाथ ने रेवाड़ी प्रशासन से बात कर बन्द नाले को खुलवाया था। जिससे बायपास पर भरा हुआ गन्दा पानी धारूहेड़ा की तरफ बह गया और सड़क साफ दिखाई देने लगी थी। जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होते ही हरियाणा ने फिर से नाले को बन्द कर दिया है। जिससे भिवाड़ी बाइपास एक बार फिर से लबालब हो चुका है। पानी इस कदर ऊपर आया कि टैम्पो में बैठी सवारियों को भी पैर उपर करने पड़ रहे हैं।
बुलडोजर लेकर रैंप तुड़वाने पहुंचे बाबा बालक नाथ, प्रशासन के समझाने के बाद लौटे
बता दें कि पिछले माह स्थानीय लोगों की शिकायत पर रैंप को तोड़ने के लिए भाजपा नेता बाबा बालकनाथ देर शाम 2 बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। मौके पर रेवाड़ी प्रशासन की एक टीम भी पहुंची थी। इस दौरान प्रशासन ने रैंप को हरियाणा सरकार के निर्देश पर बनाए होने की बात कहकर तोड़फोड़ की कार्रवाई करने से पहले ही रोक दिया था। महज कुछ मिनटों बाद अधिकारियों से बातचीत कर बाबा वापस लौट गए।
पानी को लेकर एनजीटी कोर्ट में हुई थी सुनवाई
भिवाडी से आने वाले दूषित पानी का मसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में है। पिछले माह सुनवाई हुई थी। पहले एनजीटी द्वारा गठित एक संयुक्त समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भिवाड़ी से लगभग 12 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) अपशिष्ट धारूहेड़ा की तरफ में छोड़ा जाता रहा है। मात्रा को मापा गया है क्योंकि धारूहेड़ा के शहरी स्थानीय निकाय ने गैर-बरसात वाले दिनों में इसे हटाने के लिए पंपों को नियोजित किया है। गौरतलब है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमों द्वारा दो नालों के माध्यम से भिवाड़ी से धारूहेड़ा तक बहने वाले अपशिष्ट जल की नियमित निगरानी की जा रही है। सुनवाई के दौरान कहा गया कि इस गंभीर समस्या ने भिवाड़ी शहर के स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं बल्कि धारूहेड़ा के निवासियों के लिए भी स्थिति दयनीय बना दी है।
इसी साल 30 जुलाई को सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए। सीएम ने दूषित पानी और रैंप का भी जायजा लिया था। रैंप नहीं हट पाने का बड़ा कारण यही है कि सीएम की जानकारी में यह मामला है तथा प्रशासन ने सरकार के निर्देश पर इसे बनाया है। भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने की करीब दो दशक पुरानी शिकायत है। इसी को लेकर प्रशासन द्वारा धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच धारूहेड़ा की सीमा में एक रैंप बनाया था। अब भिवाड़ी की सड़कों पर महीनों से पानी भरा हुआ है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।