रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में विश्व एड्स दिवस पर यूथ रेड क्रॉस इकाई की ओर से वाईआरसी प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. समृद्धि के नेतृत्व में गांव में लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस दौरान जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव ने किया।
इस दौरान उन्होंने बताया कि एड्स पीड़ित के साथ खाने पीने से, बर्तनों की साझेदारी से, हाथ मिलने या गले मिलने से या छींकने से, मच्छर या अन्य कीड़ों के काटने से बीमारी नहीं फैलती। उन्होंने एचआईवी के लक्षण लिम्फ नोड्स में सूजन, तेजी से वजन कम होना, दस्त और खांसी, बुखार आना और गंभीर जीवाणु संक्रमण बताया। डॉ. समृद्धि ने बताया कि एचआईवी संक्रमण एक लाइलाज बीमारी है, जिसकी अब तक कोई दवाई या टीका नहीं बना। इसलिए खुद की सुरक्षा ही इस बीमारी से लड़ने का एक कारगर उपाय है। इस जागरूकता रैली में वाईआरसी स्वयंसेवकों ने डोर टू डोर जाकर जन मानस को इस एड्स जैसी घातक बीमारी के बारे में जानकारी दी तथा एचआईवी रोकथाम व कैसे फैलता है। इसके बारे में रविंद्र, गोविंद, केशव, मुस्कान, आरजू, ज्योति और इनकी टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वाईआरसी काउंसलर डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. रितु चौधरी पवन कुमार सहित वाईआरसी स्वयंसेवक उपस्थित रहे।