रेवाड़ी। शहर के श्रीकृष्ण भवन में सोमवार को आईएमए के डॉक्टर्स की मीटिंग हुई। मीटिंग में सभी डॉक्टर्स ने राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ वहां के डॉक्टरों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में साथ देने व 4 अप्रैल को सुबह 8 बजे से शाम को 8 बजे तक सभी प्राइवेट हॉस्पिटल बंद रखने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को किसी भी प्रकार की कोई चिकित्सा सेवाएं रेवाड़ी में उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।
आईएमए के पदाधिकारियों डॉ. नीलम यादव, डॉ. कंचन यादव, डॉ. आत्म प्रकाश यादव एवं डॉ. रुचि यादव ने बताया कि राजस्थान में गहलोत सरकार वोट की राजनीति के तहत राइट टू हेल्थ बिल लेकर आई है। इस बिल के मुताबिक वहां पर कोई भी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करने में असमर्थ हो जाने वाला है। 70 प्रतिशत मरीजों का इलाज पूरे भारत में अभी भी प्राइवेट हॉस्पिटल्स में किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन नियम और कायदों के द्वारा प्राइवेट हॉस्पिटल चलाने मुश्किल हो जाएंगे। डॉक्टर्स का कहना है कि यह बिल प्रासंगिक नहीं है और इसके बाद में कोई भी डॉक्टर अपना प्राइवेट हॉस्पिटल खोलने के लिए सौ बार सोचेगा। चंद वोटों की राजनीति के लिए इस तरह मेडिकल प्रोफेशन को नुकसान पहुंचाना ना तो डॉक्टर्स के हित में है और ना आगे चलकर जनता के हित में रहने वाला है। इसलिए इस बिल का घोर विरोध करते हुए रेवाड़ी आईएमए के डॉक्टरों ने मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है और सभी जयपुर में आयोजित महारैली में शामिल होने के लिए यहां से प्रस्थान करेंगे।