संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। होली में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर निजी बस संचालकों ने भी खूब मनमानी की। रविवार को यात्रियों से निर्धारित से अधिक किराया वसूल किया। इसको लेकर जगह-जगह यात्रियों और निजी बस परिचालक के बीच कहासुनी भी हुई।
रेवाड़ी डिपो से शाम के समय सरकारी बस मिलनी बंद हो गई। सिर्फ प्राइवेट बसें ही चल रही थीं। एक बस गुरुग्राम के लिए लोगों को मिली। गुरुग्राम छोड़ने की बात कहकर बस कंडक्टर ने लोगों को बैठा तो लिया, मगर बाद में धारूहेड़ा छोड़ दिया। धारूहेड़ा तक 30 रुपये लिए, जोकि ठीक थे। धारूहेड़ा छोड़ने के बाद लोग गुरुग्राम तक जाने के लिए भटकते रहे। कुछ समय बाद जब एक प्राइवेट बस धारूहेड़ा से मिली तो लोग उसमें बैठ गए। धारूहेड़ा से गुरूग्राम तक 50 रुपये किराया लगता है लेकिन परिचालक ने 60 रुपये वसूले। इसी को लेकर जब कुछ यात्रियों ने विरोध किया तो जमकर बहसबाजी हुई। इस दौरान बस कंडक्टर और उसका एक साथी मारपीट पर उतारू हो गया और बस से नीचे उतरने के लिए कहा। बस कंडक्टर और उसके साथी ने शराब पी रखी थी। किसी तरह से आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया।
यात्री राकेश ने बताया कि वह गुरुग्राम जाने के लिए रेवाड़ी से निजी बस में चढ़े थे लेकिन धारूहेड़ा में ही उतार दिया गया। वहां से दूसरी बस पर बैठा लेकिन परिचालक ने किराया 10 रुपये ज्यादा लिया। नरेश ने बताया कि उससे भी 10 रुपये अतिरिक्त लिए गए। वह रोजाना रेवाड़ी से गुरूग्राम के लिए सफर करता है, केवल 50 रुपये लगते हैं। निजी बस संचालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।