रेवाड़ी। उधारी में दिए 5.50 लाख रुपये डूबने और मकान मालिक से पैसों के लेनदेने को लेकर चल रहे विवाद में एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। व्यक्ति ने मरने से पहले व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया, वहीं घर की दीवार पर सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के नाम भी लिखे हैं।
राजस्थान के झुंझुनू जिले का रहने वाला देशराज यहां सनसिटी में परिवार के साथ किराये पर रहता था। उसके 2 छोटे बच्चे हैं। देशराज गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करता था। शुक्रवार की शाम वह व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाकर फंदे पर झूल गया।मरने से पहले उसने एक वीडियो भी बनाई हैं। इसमें सिटी थाने के एक पुलिसकर्मी सहित 3 लोगों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वहीं घर में दीवार पर सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें देशराज ने लिखा है मेरी मौत का कारण विजय लक्ष्मी पत्नी दिनेश, उसका भाई अजय और सिटी थाने का पुलिसकर्मी अनिल है। विजय लक्ष्मी, देशराज की मकान मालकिन है।
स्टेटस देखकर घर पहुंचा साला
देशराज के साले सुरेंद्र ने बताया कि वह बावल में एक कंपनी में नौकरी करता है। जीजा देशराज का व्हाट्सएप स्टेटस देखने के बाद वह सीधे बावल से रेवाड़ी पहुंचा। लेकिन, तब तक देशराज ने फंदा लगा लिया था। सुरेंद्र का आरोप है मकान मालिक 2 पुलिस वालों के बल पर देशराज पर दबाव बना रहा था। उसके जीजा को परेशान किया जा रहा था। अक्सर आरोपी उसे केस में फंसाने की धमकी देते थे।
वीडियो में कहा, पैसे मेरे बच्चों को दे दिए जाएं
मरने से पहले बनाए वीडियो में देशराज ने कहता दिख रहा है कि मैं राकेश उर्फ रक्कू पुत्र जयपाल ठाकुर से 2 लाख रुपये मांगता हूं। 2 साल पहले उसे 2 प्रतिशत ब्याज पर दिए थे। मेरी मौत के बाद ये पैसे मेरी पत्नी और बच्चों को दे दिए जाएं। वीडियो में एक अन्य व्यक्ति उमेद सिंह ददू के बेटे से साढ़े तीन लाख रुपये लेने की बात कही है। कहा है यह पैसे भी दो प्रतिशत ब्याज पर दिए थे।
वर्जनमामले में पीड़ित पक्ष की ओर से जो शिकायत दी गई है, उसी आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेंद्र, एसएचओ, सिटी थाना