रेवाड़ी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से नए राशन बनाने के लिए शुरू किया गया पोर्टल एक साल से बंद है। इसके कारण आमजन परेशान हैं। सरकार ने परिवार पहचान पत्र से राशन कार्ड का डाटा मिलाने के लिए फरवरी 2021 में पोर्टल बंद किया था। उसके बाद पोर्टल को ही खुलवाना भूल गई। इस समय किसी प्रकार के राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं। लोग नया राशन कार्ड बनवाने, नाम कटवाने व जुड़वाने के लिए आए दिन सरकारी कार्यालयों से लेकर सरल केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
जिले के बावल में करीब 500, कोसली में 450, धारूहेड़ा में 500 व रेवाड़ी में 1000 से अधिक लोग नया राशन कार्ड बनवाने के लिए कतारों में खड़े हैं। सरकार ने 15 साल बाद प्रदेश में एपीएल यानी सामान्य वर्ग के राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू की गई थी। काफी संख्या में लोगों ने राशन कार्ड बनवा लिए और कुछ अभी बनने बाकी हैं। सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के जरियेे परिवार का पूरा डाटा एकत्रित कर रखा है। इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर व आय का विवरण भी दर्ज है। सरकार की योजना है कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ परिवार पहचान पत्र में दर्ज विवरण के आधार पर ही दी जाए। सरकार सभी सरकारी योजनाओं से परिवार पहचान पत्र को जोड़ रही है। इसी तर्ज पर राशन कार्ड के विवरण से भी पीपीपी का मिलान किया जाना है। राशन कार्ड से मिलान के लिए सरकार ने फरवरी 2021 में राशन कार्ड बनवाने का पोर्टल बंद किया था। यह दो माह के लिए बंद किया था, लेकिन अब तक पोर्टल नहीं खोला जा सका है।
आज से करीब 20 साल पहले सामान्य वर्ग के एपीएल राशन कार्डधारकों को भी सस्ते रेट पर प्रति माह चीनी, चावल व गेहूं मिलता था, लेकिन अब सामान्य वर्ग को राशन कार्ड से राशन नहीं मिलता है। पोर्टल खुलवाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी हेड ऑफिस में पत्र लिख चुके हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने सरकार से राशन कार्ड का पोर्टल जल्द खुलवाने की मांग की है। ताकि उनकी दिक्कतें दूर हो सकें। लोग आए दिन कार्यालय में पहुंचकर शिकायत कर रहे हैं।
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विवाह के बाद राशन कार्ड से नहीं कट रहे बेटियों के नाम
लड़कियों के विवाह के बाद ससुराल में नया राशन कार्ड बनवाने के लिए यहां से नाम कटवाकर रसीद ले जानी पड़ती है। उसके बाद ही ससुराल के राशन कार्ड में नाम जुड़ सकेगा। लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण इनके नाम भी नहीं काटे जा रहे हैं। यही कारण है कि ससुराल के किसी भी दस्तावेज में इनके नाम नहीं जुड़ पा रहे हैं।
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अंतिम चरण में डाटा मिलान का कार्य
अधिकारियों की मानें तो पीपीपी से राशन कार्ड का मिलान करने का कार्य अंतिम चरण में है, जो जल्द ही पूरा होने वाला है। ऐसे में लगभग एक साल से ज्यादा समय से पोर्टल शुरू नहीं होने से नए राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अभी भी शुरू नहीं हो पाई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकार ने पीपीपी से राशन कार्ड का डाटा मिलाने के लिए गत वर्ष फरवरी से पोर्टल बंद किया था और डाटा मिलान का कार्य अंतिम चरण में है।
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लोगों के ये काम भी अटके
पोर्टल बंद होने से नए राशन कार्ड बनवाने, नया नाम जुड़वाने व कटवाने के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं जिन लोगों ने अब यह राशन कार्ड बनवाया ही नहीं है, वे भी परेशान हैं। राशन कार्ड की कई सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज के रूप में जरूरत पड़ती है।
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मैं पिछले एक साल से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से लेकर सरल केंद्र पर कई बार चक्कर काट चुका हूं। मेरा राशन कार्ड परिवार से अलग कराना था, लेकिन हर बार पोर्टल बंद होने की बात सुनकर लौट आता हूं।
-पंकज कुमार, खरखड़ी
नया राशन कार्ड बनवाने के लिए पिछले कई माह से बावल स्थित खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अधिकारियों की ओर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है। हर बार पोर्टल बंद होने की बात कही जाती है।
-मनीष कुमार
परिवार के राशन कार्ड से अपना अलग राशन कार्ड बनवाने के लिए पिछले एक साल से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन हर बार पोर्टल बंदा होने का बहाना बना दिया जाता है। जबकि बिना राशन कारण के वह कुछ भी कार्य नहीं कर पा रहा है।
-महेश यादव, पीथनवास
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वर्जन::
सरकार राशन कार्ड के डाटा का परिवार पहचान पत्र से मिलान करवा रही है। जल्द ही यह पोर्टल खुल जाएगा। राशन कार्ड में परिवार का नया सदस्य शामिल करवाने व कटवाने में परेशानी आ रही है। नए राशन कार्ड भी नहीं बन रहे हैं।
-अशोक कुुमार रावत, डीएफएससी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग