रेवाड़ी। भले ही रेवाड़ी शहर जिला मुख्यालय है, लेकिन यहां रात में करीब 8 बजे तक 90 फीसदी दुकानें बंद हो जाती हैं। इसका फायदा चोर उठाते हैं। चोरी और छीनाझपटी जैसी वारदातें यहां सरेआम होती रहती हैं। ऐसे में पुलिस की सक्रियता बहुत जरूरी हो जाती है, लेकिन विडंबना की बात है कि रात के समय चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। शाम 3 बजे से 6 बजे तक पुलिस कर्मचारी वाहनों के चालान काटने के लिए बेशक चौराहों पर खड़े हो जाते हैं, लेकिन इसके अलावा उनसे किसी तरह की पूछताछ नहीं की जाती। वहीं, पिछले एक माह के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर चोरी की वारदात हो चुकी हैं। अमर उजाला ने रविवार को रात को 10 से 12 बजे तक शहर के सुरक्षा का जायजा लिया, लेकिन हर चौक-चौराहे से पुलिसकर्मी नदारद मिले।
स्थानी धारूहेड़ा चुंगी समय : रात 10: 30
धारूहेड़ा चुंगी पर सन्नाटा पसरा हुआ था। हालांकि यहां एक बैंक, एटीएम व पेट्रोल पंप भी हैं। इसके बाद भी यहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। दिल्ली व धारूहेड़ा की तरफ से आने पर इस मार्ग से ही शहर में प्रवेश करते हैं। यह सड़क सीधे बाजार में प्रवेश करती है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहां कोई बंदोबस्त नहीं दिखाई दिया।
स्थान : आंबेडकर चौक समय : रात 10: 40
आंबेडकर चौक पर शराब का ठेका होने के कारण यहां कुछ लोग ही आवाजाही कर रहे थे। कुछ मेडिकल स्टोर भी खुले हुए थे, लेकिन यहां भी कोई पुलिसकर्मी तैयार ड्यूटी पर नहीं था। आसपास बैंक, एटीएम बूथ भी है। इसलिए रात के समय यहां चोरी की संभावना रहती है, लेकिन यहां भी सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नजर नहीं आया।
स्थान अग्रसेन चौक समय : रात 11: 05
अग्रसेन चौक पर भी सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां कुछ युवक जरूरी घूमते नजर आए, लेकिन पुलिस का कोई जवान दिखाई नहीं दिया। हालांकि यहां से महज 200 मीटर दूर भाड़ावास पुलिस चौकी भी है, लेकिन पुलिस कर्मी चौराहों पर आने की जहमत नहीं उठाते हैं।
स्थान : नाईवाली चौक समय : रात 11:10
शहर का सबसे व्यस्तम चौक नाईवाली चौक यहां रात भर वाहनों व लोगों का आवागमन बना रहता हैं। यहां से नारनौल, झूंझूनु,सीकर व महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहन रातभर चलते हैं। ऐसे में यहां पुलिसकर्मियों का होना बहुत जरूरी है, लेकिन यहां मात्र एक पुलिसकर्मी नजर आया। हालांकि पुलिस कर्मचारी ने किसी भी प्राइवेट व्यक्ति से पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी।
स्थान : रेलवे चौक समय : रात 11:30
रेलवे चौक पर भी रातभर लोगों का आवागमन बना रहता हैं। ट्रेन से आने व जाने वाले लोगों को यह चौराहा पार करना होता है। यहां शराब का ठेका, एटीएम व बैक भी हैं। ऐसे में पुलिस का होना बेहद जरूरी हो जाता है, लेकिन यहां भी सन्नाटा पसरा हुआ था।
स्थान : झज्जर चौक समय : रात 11:50
शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहों में शामिल झज्जर चौक पर न तो पुलिस की जिप्सी थी और न ही पुलिसकर्मी मौजूद थे। यहां पेट्रोल पंप होने के कारण कुछ वाहन चालकों का आवागमन हो रहा था। रात को यहां पर सिर्फ बैरियर लगे हुए थे, पुलिस तैनात नहीं थी।
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चोरी की ये वारदात
-26 दिसंबर : शहर के नाईवाली चौक पर एक साथ पांच दुकानों के ताले तोड़, जिनमें दो मेडिकल स्टोर, दो मोबाइल शॉप व ब्यूटी पार्लर की दुकान शामिल थी।
-27 दिसंबर : बाईपास स्थित कर्नल राम सिंह चौक के समीप स्थित एक कार गैराज से लाखों रुपये का सामान व गाडियों के पहिये चोरी किए
--29 दिसंबर : ढालियावास मोड़ पर परचून की दुकान में चोरी की
- 1 जनवरी : शहर के बोलनी रोड पर एक खोखे की दुकान में चोरी की गई
-5 जनवरी : गुलाबी बाग व पटोदी रोड स्थित आईटीआई के समीप चोरी
-9 जनवरी : रामपुरा में एक घर से नकदी चोरी
-12 जनवरी : शहर के बीचोंबीच स्थित मोतीचौक पर मोबाइल की दुकान की खिड़की तोड़कर मोबाइल व नकदी चोरी