रेवाड़ी। शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में दिल्ली-जयुपर हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर से कापड़ीवास गांव के बीच करीब 40 किलोमीटर के अंतराल में लोगों ने शॉर्टकट के चक्कर में हाईवे पर बने डिवाइडर पर 15 अवैध कट बना लिए गए हैं। सुविधा के अनुसार बनाए गए अवैध कट लोगों की जान पर भी भारी पड़ रहे हैं। मंगलवार रात को बनीपुर चौक पर डिवाइडर पार करते समय दो युवकों की मौत हो गई। इस तरह पिछले एक माह के दौरान ऐसे शॉर्टकट पर 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार शिकायत के बाद भी एनएचएआई मामले को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
बुधवार को अमर उजाला ने जिले के खेड़ा बॉर्डर से कापड़ीवास गांव के बीच हाईवे की पड़ताल की। इस दौरान आंखें खोलने वाला सच सामने आया। करीब 40 किलोमीटर लंबे इस सफर में नेशनल हाईवे पर लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार मौत के 15 अवैध शॉर्टकट बना रखे हैं, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा है।
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यहां पर बने हैं अवैैध कट:
जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर से कापड़ीवास गांव तक दर्जनभर स्थानों पर नेशनल हाईवे को काटकर अवैध रास्ते बनाए गए हैं। यह रास्ते लंबे समय से चले आ रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है, लेकिन इस ओर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कभी ध्यान ही नहीं दिया। अवैध कटों में बनीपुर चौक, नैचाना कट, सांजरपुर के समीप, ओढ़ी कट, जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर, आसलवास गांव के समीप, काठूवास के समीप, संगवाड़ी के समीप, एनएच 71 के कट के समीप, साहबी पुल, खरखड़ा कट, मालपुरा के समीप व कापड़ीवास के समीप शामिल है।
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कोट
लोग शॉर्टकट के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे के डिवाइडर से दोपहिया वाहनों को ले जाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है। समय-समय पर लोगों को जागरूक भी किया जाता है।
-अनूप सिंह, एसएचओ थाना ट्रैफिक
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पिछले चार साल में यहां हुए हादसे
सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2019 में 371 लोग घायल हुए, 212 की मृत्यु हो गई। वर्ष 2020 में 396 लोग घायल हुए और 215 की मृत्यु हो गई। वर्ष 2021 में अगस्त तक 263 व्यक्ति घायल हुए और 125 की मृत्यु हो चुकी है। इस साल 2022 में नवंबर तक 310 लोग घायल हुए और 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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वर्जन
शॉर्टकट से लोगों को बचना चाहिए। प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही इनको बंद कराया जाएगा।
-अशोक कुमार गर्ग, डीसी, रेवाड़ी