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Rewari News: मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोग चक्कर काटने को मजबूर

Sat, 06 May 2023 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों कभी नगर परिषद तो कभी सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। संबंधित डाॅक्यूमेंट पूरे करने के बाद भी लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गढ़ गंगा के पंडा से लेकर पड़ोसियों तक के सबूत देने पड़ रहे हैं। इसके बाद पोर्टल की धीमी गति ने लोगों को परेशान कर रखा है। रोजाना 150 से अधिक लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय चक्कर काट रहे हैं।
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मृत्यु के 21 दिन के बाद अंदर ही प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना पड़ता है, लेकिन दर्जनों लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित समयावधि में आवेदन नहीं किया था। ऐसे में अब महीनों से उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन नगर परिषद व सरकारी अस्पतालों के कर्मचारी उन्हें अजीबों-गरीब जवाब दे रहे हैं। किसी को पड़ोसियों के शपथ पत्र देने को कहा जाता है तो किसी को हरिद्वार स्थित गढ़ गंगा से पंडा से लिखवा कर लाने को बोला जा रहा है। वहीं किसी को श्ममशान घाट के प्रभारी से लिखवा कर लाने को कहा जा रहा है। लोगों ने बताया कि यह सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद पोर्टल की स्पीड धीमी होने से अपलोड नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तीन से पांच माह हो गए है, लेकिन अभी भी प्रमाण पत्र बनने की उम्मीद नहीं है।
घर पर मृत्यु होने पर प्रमाण पत्र की यह है प्रक्रिया
घर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिजनों को 21 दिनों के अंदर अंदर पीएचसी या सीएचसी में आवेदन फॉर्म जमा करवाना होगा। आवेदन फाॅर्म पर उसे सूचना देने वाले, एनएनएम और पार्षद से रिपोर्ट करवानी होगी। मृतक की आईडी के साथ आवेदक को अपनी आईडी जमा करवानी होगी। इसके उपरांत फाइल जमा करवानी होगी, जिसमें संपूर्ण जानकारी, फाॅर्म और शपथ सहित विभिन्न जानकारी नगर परिषद कार्यालय में जमा होगी। फाइल को सीएमओ कार्यालय भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के पश्चात मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाएगा।
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शपथ पत्र देने के 15 से 20 हजार रुपये मांग रहा पंडा
लोगों ने बताया कि मृत्यु होने के बाद गढ़ गंगा में अस्तियां प्रवाहित करने जाते हैं। वहां पर भी पूरा रिकॉर्ड होता है। ऐसे में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारियों ने गढ़गंगा के पंडा से शपथ पत्र लाने के लिए कहा है लेकिन पंडा 15 से 20 हजार रुपये की मांग कर रहा है। ऐसे में गरीब व्यक्ति के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना बेहद मुश्किल हो रहे हैं।
अस्पताल में मृत्यु व जन्म होने पर अस्पताल से मिलेगा प्रमाण पत्र
अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के परिजनों को अस्पताल प्रशासन अपनी आईडी से प्रमाण पत्र बनाकर देता है। यही प्रक्रिया जन्म प्रमाण पत्र पर भी लागू होती है।
तीन माह से सरकारी काट रहा हूं चक्कर : बाबू लाल
गांव गुडियानी निवासी बाबू लाल ने बताया कि वह अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले करीब तीन माह से सरकारी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। फाइल जमा भी करा दी गई थी, लेकिन तीन दिन पूर्व फाइल को लौटा दिया है। नागरिक अस्पताल के बाबू ने बताया कि गढ़ गंगा के पंडा से शपथ पत्र लेकर आओ उसके बाद ही बनेगा। पंडा से बात की तो उन्होंने बताया कि 20 हजार रुपये लेकर आ जाना।
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नगर परिषद की ओर से कोई लेटलतीफी नहीं की जाती है। संबंधित अस्पतालों में जिनका रिकॉर्ड नहीं होता, उन्हें ऐसी परेशानी हो सकती है।
-प्रवीण कुमार, सचिव नगर परिषद रेवाड़ी।
आवेदक को दस्तावेज तो पूरे करने होंगे, लेकिन किसी को भी बेवजह परेशान नहीं किया जाता है। जिनके पास रिकॉर्ड नहीं होता, उनसे शपथ मांगा जाता है।
-डॉ. जोगिंद्र तंवर, नोडल अधिकारी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
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