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Rewari News: पीपीपी में आय कम कराने के लिए सीएससी के चक्कर काट रहे लोग

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नागरिक अस्पताल में खाली पड़ा आयुष्मान कार्ड बनाने वाला काउंटर। संवाद - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए लोग परिवार पहचान पत्र (पीपीपी)में दर्शाई आय को कम कराने के लिए लोग पटवारियों से आय प्रमाण पत्र बनवा कर सरकारी कार्यालयों व अटल सेवा केंद्रों (सीएससी) के चक्कर काट रहे हैं।
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परिवार पहचान पत्र में लोगों की बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले परिवारों की आय 2 से 5 लाख दिखाई गई है। जिसके कारण बीपीएल परिवारों के लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में लोग के सामने आय कम कराना चुनौती बन गया है। हकीकत यह है कि जिन लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने की जरुरत है उनका नाम सूची से गायब है। लोगों का आरोप है कि जिन लोगों के पास पर्याप्त संधाधन व नौकरी कर रहे उनके आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
जिले में 242 सीएससी है संचालित
बतादें कि जिले में 242 सीएससीसंचालित है, जिन आय कम कराने व आयुष्मान कार्ड बनवाने वालों की भीड़ रहती है। लेकिन लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसके ीारण कई बार यहां झगड़ा करने की भी नौबत आ जाती है। सेंटर संचालकों का कहना है कि लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होने कारण कई बार झगडे पर उतारू हो जाते हैं। यह भी सच है कि वास्तविक लाभार्थी है उन्हें योजना का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। पिछले दिनों केंद्र व प्रदेश सरकार ने दोबारा से आयुष्मान कार्ड बनाने की योजना शुरु की गई थी, इसमें जिन परिवारों के लोगों की सालाना आय 1.80 हजार से कम उन सभी के आयुष्मान कार्ड फ्री में बनाने के निर्देश दिए थे।
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क्रीड की ओर से जारी किया लिंक
आयुष्मान कार्ड में त्रुटि ठीक करने के लिए क्रीड की ओर से एक लिंक जारी किया हुआ है। इस लिंक पर जाकर लोग आयुष्मान कार्ड से संबंधित अपनी समस्या ऑनलाइन डाल सकते हैं। यह लिंक सीधा क्रीड में जाएगा, वहां से क्रीड की टीम गांव स्तर पर बनाई हुई टीम से शिकायतकर्ता की समस्या को वेरिफाई कर अप्रूवल दी जाएगी। अगर वह सही पाई जाती है तो आयुष्मान कार्ड बना दिया जाएगा।
नेटवर्क की समस्या से भी लोग हो रहे है परेशान
आयुष्मान योजना के लाभार्थी गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं। कभी नेटवर्क की समस्या होने से कार्ड नहीं बन पा रहा है तो कभी प्रमाण पत्रों और आयुष्मान के पत्रों के नामों में हेरफेर से उन्हें लौटा दिया जा रहा है। वहीं सीएससी संचालक को भी काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। इंटरनेट धीमा होने से लोगों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है।
गांवों में नहीं लगाया जा रहा शिविर
गामीणों का आरोप है कि योजना के शुरुवात में तो करीब एक सप्ताह तक प्रशासन व पंचायतों ने शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनवाए थे, लेकिन फिलहाल किसी गांवों में कोई शिविर नहीं लगाया जा रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग गांवों में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश जारी कर चुका है।
गीता महोत्सव के चलते तीन दिन नागरिक अस्पताल में नहीं बनेंगे आयुष्मान कार्ड
जिला में तीन दिवसीय गीता महोत्सव की वजह से नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए जा रहे है। शुक्रवार को लोग कार्ड बनवाने अस्पताल में आए तो पता चला कि यहां पर कार्ड नहीं बनाए जांएगे। अस्पताल प्रशासन की ओर से खिड़की पर आयुष्मान कार्ड नहीं बनाने के लिए कोई नोटिस भी नहीं चस्पा रखा है। ऐसे में लोगों को सुबह- सुबह काफी परेशानी उठानी पड़ी।
मैनें अपने पूरे परिवार की फैमिल आईडी गांव के सरकारी स्कूल में लगे शिविर में बनवाई थी। वहां पर केवल मेरी आय दिखाई गई थी, बाकी बच्चों की कोई आय नहीं दिखाई थी। मेरा पोता 8 साल का हुआ है उसकी भी 50 हजार आय दिखाई हुई है। ऐसे आयुष्मान कार्ड बन नहीं सकता है।
-शक्ति सिंह, मनेठी
मेरी फैमिली आईडी में सालाना आय ढाई लाख रुपये दिखाई हुई है और मैं मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा हूं। साल में मुश्किल से डेढ़ लाख रुपए बनते होंगे। जिन लोगों के पास सबकुछ आय के साधन है और परिवार के सभी सदस्य अपने काम में लगे हुए हैं फिर भी उनके आयुष्मान कार्ड बन रहे है।
-हरिओम, कुंड
हमारे पास केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयुष्मान कार्ड लाभार्थी लोगों की लिस्ट आई थी, उसी के आधार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे है। अब जिन लोगों की आय अधिक दिखा रखी है उसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। वहीं लोगों की समस्या के लिए क्रीड ने लिंक भी जारी कर दिया है। लोग अपनी समस्या क्रीड के लिंक पर डालकर समाधान करवा सकते हैं।
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-डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी, आयुष्मान कार्ड
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