संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सरकार की ओर से प्रदेश में लागू किए गए परिवार पहचान पत्र के माध्यम से रेवाड़ी जिले में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के तहत 1188 बुजुर्गों की घर बैठे बिठाए स्वत: ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन बन गई है। यह जानकारी डीसी अशोक कुमार गर्ग ने दी।
डीसी ने बताया वृद्धावस्था पेंशन योजना को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने के बाद अब बुजुर्गों को राहत मिली है। जिले में 1188 पात्र बुजुर्गों की पेंशन पीपीपी के माध्यम से बन चुकी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले के 67 हजार 165 बुजुर्गों को प्रत्येक माह 2500 रुपये की राशि वृद्धावस्था सम्मान पेंशन के रूप में उनके खाते में भेजी जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में पेंशन में 250 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब बुजुर्गों के खाते में अप्रैल की पेंशन 250 रुपये बढ़कर 2750 रुपये आएगी। डीसी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में जैसे ही किसी बुजुर्ग की उम्र 60 वर्ष होती है, उसी समय विभाग को क्रीड की ओर से सूची मिल जाती है। इसके बाद विभाग संबंधित लाभार्थी के पास जाकर उसकी सहमति लेता है, यदि वह सहमति देता है तो उसके बाद पेंशन शुरू कर दी जाती है।