रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में ओपीड़ी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
रेवाड़ी। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोग उल्टी-दस्त, सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 80 मरीज आ रहे हैं। डॉ. मनीष यादव ने बताया कि ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 30 फीसदी वृद्धि हुई है। इनमें ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो दिनभर धूप में काम करते हैं। कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए गर्मी में पैदल जाते हैं। ऐसे लोगों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।
चिकित्सकों के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण कमजोरी महसूस होने, मांसपेशियों में ऐंठन, पेट खराब होने के मामलों में 10 से 15 फीसदी वृद्धि देखी गई है। यह समस्या मौसम में बदलाव और खानपान के कारण होती है। उन्होंने बताया कि ताजे पानी से स्नान करें, बासी भोजन न करें। कटे-फटे फल न खाएं, हरी सब्जियों को पहले अच्छी तरह धो लें, धूप में निकलने पर सिर व कान ढके रहें। रात को हल्का भोजन करें। सलाद और नींबू का सेवन करें। मसालेदार खाना न खाएं। तला हुआ खाना भी खाने से बचना चाहिए। गर्मी में चाय और कॉफी के इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए। बासी खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएं। उल्टी दस्त होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
इंसेट
बच्चों पर दें विशेष ध्यान
शिशु रोग विशेषज्ञ लतेश अरोड़ा का कहना है कि गर्मी में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मौसम में बदलाव होने से उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों को हर आधे घंटे में पानी पिलाएं। बाजार की चीजों को न खिलाएं। बच्चों को ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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वर्जन:
मौसम में बदलाव होने से उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब 80 मरीज आ रहे हैं। खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें।- डॉ. मनीष यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में ओपीड़ी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद