रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल के निर्माण के लिए लंबे समय से तलाशी जा रही जमीन के लिए ग्राम पंचायतें आगे आने लगी हैं। जिले की तीन ग्राम पंचायतों ने नागरिक अस्पताल के निर्माण के लिए अपने जमीन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के लिए आवेदन किया है। एडीसी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन कर मौका मुआयना कर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
कागजों में नागरिक अस्पताल वर्ष 2019 से 200 बिस्तरों का है। हकीकत की बात करें तो यह अस्पताल 100 बिस्तरों का भी नहीं है। 200 बिस्तरों के अस्पताल के लिए पिछले साल से अधिक समय से जगह की तलाश की जा रही है। यह भी उल्लेखनीय है कि नागरिक अस्पताल शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण कई बार जाम की स्थिति रहती थी। ऐसे में कई बार मरीज यहां पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। नागरिक अस्पताल को शहर से बाहर ले जाने के लिए कई बार आवाज उठी हैं, लेकिन जगह के अभाव में यह अभी तक पेंडिंग ही चल रहा था।
कागजों में नागरिक अस्पताल वर्ष 2019 से 200 बिस्तरों का है। हकीकत में सौ बिस्तरों का भी नहीं है। 200 बिस्तरों के अस्पताल के लिए पिछले तीन साल से अधिक समय से जगह की तलाश की जा रही है। जगह की कमी के कारण शहर के बीच में स्थित नागरिक अस्पताल में विभिन्न वार्ड अलग-अलग चल रहे हैं। इसके बाद ही यहां प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) के साथ चिकित्सकों और स्टाफ नर्स की नियुक्ति की मंजूरी मिली थी।
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इन गांवों ने की जमीन देने की पेशकश
जिले के गांव गोकलगढ़, धामलावास के साथ भगवानपुर के ग्रामीणों ने नागरिक अस्पताल के लिए जमीन देने की पेशकश की है। इस संबंध में उपायुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी एसडीएम, सीएमओ, तहसीलदार, डिप्टी सिविल सर्जन आदि ने मौका मुआयना करने के बाद इन गांवों की जमीन का निरीक्षण कर चुकी है। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल को 200 बिस्तरों का अस्पताल बनाने के लिए जमीन मिलने की उम्मीद है।
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उपायुक्त को दिया प्रस्ताव
गांव भगवानपुर की सरपंच कृष्णा देवी के नेतृत्व में पंचायती जमीन स्वास्थ्य विभाग को देने का प्रस्ताव उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग को दे चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 71 से लगती हुई है तथा छह लेन का रास्ता है। दूसरी तरफ का रास्ता मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रोड चार क्रम का रास्ता पंचायत जमीन का रास्ता लगता है, जो प्रस्तावित नए बस अड्डा से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है। शहर से यहां आवागमन के लिए कोई रेलवे फाटक भी नहीं है।
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वर्जन:
जिले की तीन ग्राम पंचायतों ने नागरिक अस्पताल के नए भवन के लिए जमीन देने की पेेशकश की है। डीसी अशोक कुमार के आदेश के बाद इन जमीनों का निरीक्षण कर लिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग की समिति गांव में जाकर अपनी फिजीबिल्टी रिपोर्ट तैयार करेगी। उम्मीद है कि इस साल में अस्पताल के लिए जमीन मिल जाएगी।
-डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन, रेवाड़ी