जींद। सोमवार की रात हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेत में पककर तैयार फसल तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते गिर गई है जिससे किसानों ने नुकसान की आशंका जताई है। किसानों को अब फसल कटाई के लिए और इंतजार करना होगा। धान व कपास की फसल में 10 से 12 प्रतिशत का नुकसान बताया जा रहा है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 73 प्रतिशत तथा हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। रात को जिले में छह एमएम औसतन बारिश दर्ज की गई है। जींद में नौ एमएम, सफीदों में 10 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 15 एमएम, अलेवा में पांच एमएम, जुलाना में दो एमएम, नरवाना तथा उचाना में एक-एक एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगे मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस समय धान कटाई का कार्य जोरों पर चला हुआ है, वहीं नरमा चुगाई भी चली हुई है। काफी किसानों की धान मंडियों में पड़ा है जो रात को बारिश से भीग गई। इसको लेकर किसान परेशान थे। मंगलवार दिनभर बादलों के छाने से किसानों की धड़कनें बढ़ गईं। किसानों को लगातार भय सताता रहा कि मौसम के बिगड़े तेवर फसलों का बंटाधार नहीं कर दें। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश ने बताया कि मौसम परिवर्तनशील है। किसान कृषि से संबंधित कार्य मौसम को ध्यान में रख कर करें। सरसों बिजाई का अच्छा समय है।