डॉ. वंदना पोपली
रेवाड़ी।
संसद में पेश किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित ना होने पर भाजपा की जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष के इस कृत्य को महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताते हुए इसे सम्मान पर चोट करार दिया है। डॉ. वंदना पोपली ने कहा कि जब-जब देश की आधी आबादी को उनका हक देने की बात आती है, विपक्ष अपनी तुच्छ राजनीति पर उतर आता है। उन्होंने कहा संसद में जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए काला दिन था। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को नीति-निर्धारण में भागीदारी देने का संकल्प लेकर आए हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के भूखे विपक्षी दलों ने इस विधेयक में अड़ंगा डालकर साबित कर दिया कि वे नारी को कभी आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।