फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: ‘रोशन करेगा बेटा सिर्फ एक कुल, दो-दो कुलों की लाज होती हैं बेटियां’

विज्ञापन
छात्राओं के साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी ब्रांड एंबेसडर एवं टीवी एक्टर मान्या सिंह। ? - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बुधवार को शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विज्ञापन

इस दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी ब्रांड एंबेसडर एवं टीवी एक्टर मान्या सिंह ने जिला में लिंगानुपात के सुधार के लिए चलाई जा रही जन जागरूकता मुहिम के तहत छात्राओं को जागरूक व प्रेरित करते हुए उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं हैं। एक लड़की सौ लड़कों के बराबर है। उन्होंने कहा जिला की एक-एक लड़की लिंगानुपात को लेकर जागरूक होगी तो निश्चित रूप से समाज में लड़कियों के प्रति सोच में बदलाव आएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा।
बता दें कि केंद्र व प्रदेश सरकार लिंगानुपात में सुधार को लेकर प्रभावी तरीके से काम कर रही है और लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वहीं जिला प्रशासन डीसी अशोक कुमार गर्ग के मार्गदर्शन में जिला के लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए कृतसंकल्प है।
विज्ञापन

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा
मान्या सिंह ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिकाओं की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करते हुए बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करना और उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इस योजना को उन जिलों व राज्य पर फोकस कर चलाया जा रहा है, जहां बालिकाओं का लिंगानुपात कम है। सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें उपायुक्त से प्रेरणा मिली है और उनके सहयोग, समर्थन व प्रोत्साहन के चलते ही आपके बीच आपको जागरूक व प्रेरित करने के लिए आई हूं। हर व्यक्ति को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाने व जिला में लिंगानुपात में सुधार लाने में प्रशासन का सहयोग करना होगा। वे जिला के प्रत्येक सरकारी व निजी विद्यालय में जाकर विद्यार्थियों विशेषकर छात्राओं को जागरूक करेंगी।
एक लड़की पलट सकती है इतिहास
उन्होंने कहा कि बेटियों का जन्म लेने के लिए लड़ना पड़ता है। यह जानकर परेशानी होती है और यह बात हमेशा चुभती रहती है कि हमारे जिला रेवाड़ी का लिंगानुपात प्रदेश में ही नहीं अपितु पूरे देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि हमें जिला के लिंगानुपात में सुधार लाना होगा अन्यथा भविष्य में स्थिति और भी भयावह होगी। मैं एक लड़की हूं और मुझे अपने आप पर गर्व है। एक लड़की इतिहास पलट सकती है। उन्होंने ओस की बूंद सी होती हैं बेटियां, पिता को कोई दर्द हो तो रोती हैं बेटियां, धकेले जाते हैं बेटे कि पढ़ो पर पढ़ जाती हैं बेटियां, रोशन करेगा बेटा सिर्फ एक कुल, दो-दो कुलों की लाज होती हैं बेटियां कविता के माध्यम से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को सफल बनाने का आह्वान किया।
मुझे इंस्टाग्राम पर करे टैग
इस अवसर पर छात्राओं के साथ अपना इंस्टाग्राम हेंडल शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आमजन को जागरुक करने का सबसे सशक्त माध्यम है। आपको बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में सोचना होगा और समाज में जन जागरूकता लानी होगी। इसके लिए आप कविताएं लिखें या आर्टिकल। कुछ भी करें। आप बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से संबंधित किसी भी पोस्ट में मुझे टैग करें, मैं उस पोस्ट को आगे शेयर करूंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें