रेवाड़ी। सीजेएम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को एक साल की सजा एवं 6 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं। दोषी ने सात साल पूर्व 4 लाख रुपये उधार लेकर नहीं लौटाए थे।
जानकारी के अनुसार गुरुग्राम जिले के कस्बा पटौदी के समीप गांव मेहणियावास निवासी बलबीर परचून की दुकान चलाते हैं। उनका खाता रेवाड़ी के बैंक में है। रेवाड़ी के गांव जाट सायरावास निवासी जय नारायण से बलबीर की अच्छी जान पहचान थी। जय नारायण ने बलबीर से 4 लाख रुपये उधार मांगे। 1 दिसंबर 2015 को बलबीर ने जयनारायण को 4 लाख रुपये दे दिए। 7 दिसंबर 2016 को जयनारायण ने पैसे लौटाने की एवज में बलबीर को 4 लाख रुपये का एक चेक दिया। इस चेक को जब बलबीर ने अपने बैंक खाता में लगाया तो पता चला कि उस पर हस्ताक्षर ही गलत है। इसके चलते चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बलबीर ने अपने पैसे मांगे तो जय नारायण आनाकानी करने लगा।
बलबीर ने अपने एडवोकेट हेमंत कुमार लूथरा के मार्फत रेवाड़ी कोर्ट में जयनारायण के खिलाफ वाद दायर किया। एडवोकेट हेमंत कुमार लूथरा ने बताया कि सुनवाई के दौरान दोषी पक्ष की तरफ से कहा गया कि जयनारायण के बेटे ने गलती से हस्ताक्षर कर चेक दिया था, जिसकी वजह से बाउंस हुआ। हेमंत लूथरा ने बताया कि दोषी पक्ष की इस दलील को कोर्ट ने नहीं माना। एडवोकेट हेमंत लूथरा ने बताया कि मामले में सुनवाई करते हुए सीजेएम विनीत सपड़ा की कोर्ट ने जयनारायण को दोषी मानते हुए 1 साल की सजा और पीड़ित पक्ष को 6 लाख रुपये देने का आदेश दिए हैं।