रेवाड़ी। जिले में डेंगू के केस लगातार मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार को 54 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। इनमें शहर के रामबास मोहल्ले से एक डेंगू पॉजिटिव मिला है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में अब तक डेंगू के 66 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 46 स्वस्थ भी हो चुके हैं।
डेंगू के सबसे ज्यादा केस शहर में मिल रहे हैं। इसका बड़ा कारण स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं कराना है। वहीं, दूसरी तरफ डेंगू के साथ-साथ मलेरिया का भी खतरा बना हुआ है। मलेरिया के 3 केस मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रेवाड़ी जिले में अभी तक 66 डेंगू के केस मिल चुके हैं। इनमें 29 केस अकेले रेवाड़ी शहर में मिले हैं। यानी इस बार भी शहर हॉट स्पॉट बनकर उभर सकता है।
राहत की बात यह है कि जितनी तेजी से डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, उतनी तेजी से स्वस्थ भी हो रहे हैं। जुलाई से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के रेवाड़ी में 2297 नमूने लिए हैं। लोगों में प्लेटलेट्स की कमी न हो, इसके लिए ब्लड बैंक में भी इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा घर में रखे कूलर, गमलों में भरे पानी में लार्वा मिलने पर 3332 लोगों को नोटिस भी दिए गए हैं।
इंसेट
चार साल से बढ़ रहे केस
डेंगू के आंकड़े भी बता रहे हैं कि चार साल से लगातार डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। वर्ष 2021 में 306 केस मिले थे। वर्ष 2022 में 324, वर्ष 2023 में 406 और इस साल अभी तक 66 केस मिल चुके हैं। अभी दो माह और बाकी है, यानी नवंबर तक डेंगू का असर रहता है।
वर्जन
सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता। जांच के बाद चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही इलाज कराएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्ति में डेंगू का खतरा ज्यादा होता है, जिसे पहले डेंगू हो चुका है। उसे सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।- डॉ. अमित यादव, जिला नोडल अधिकारी