संवाद न्यूज़ एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षिक व बौद्धिक स्तर में सुधार के लिए अब अधिकारी हर महीने स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। वे अध्यापकों के पढ़ाने के तरीके, बच्चों का बौद्धिक स्तर, पठन शैली आदि की जांच करेंगे।
जांच की रिपोर्ट निपुण मिशन की मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करनी होगी। निरीक्षक को यह रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी से पत्राचार किया गया है। अधिकारियों को हर महीने विद्यालयों के निरीक्षण के लिए लक्ष्य भी दिया गया है। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस आन किए शुरू नहीं होगा। सेल्फी लेते ही एप का समय शुरू हो जाएगा। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट सुपरविजन टीम, जिला परियोजना समन्वयक, उपजिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, एफएलएन समन्वयक व प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई है।
निरीक्षण में अध्यापकों की अध्यापन शैली, बच्चों की पठन शैली, पढ़ने की गति, कक्षा के वातावरण व सुविधाएं का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षक को एक कक्षा में 90 मिनट निरीक्षण करना होगा। निरीक्षक कक्षा में शिक्षक के बच्चों को पढ़ाने की तरीके देखेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी भी हर महीने करेंगे निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी को हर महीने 3 विद्यालय और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, जिला परियोजना अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, डायट प्राचार्य को 4 विद्यालय और 8 विद्यालयों के निरीक्षण करने होंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को 4-4 विद्यालय और 8-8 कक्षाओं का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। एफएलएन समन्वयक 6 विद्यालय और 12 कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे। सीआरसी प्रमुख को 5 विद्यालय और 10 कक्षाओं का निरीक्षण करना है। जिला सुपरविजन टीम 60 विद्यालय और 100 कक्षाओं का निरीक्षण करेगी।
वर्जन:
शिक्षा अधिकारी जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों का हर महीने निरीक्षण करेंगे। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस आन किए शुरू नहीं होगा। -चरण सिंह, एफएलएनएल अधिकारी रेवाड़ी।