फोटो : 02रेवाड़ी। नेहरू पार्क में टूटे पड़े झूले। संवाद
रेवाड़ी। विधानसभा चुनावों से पहले जनता जिले में विकास की उम्मीद लगाए बैठे थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ माह पहले लोकसभा चुनावों की वजह से आचार संहिता लगने के कारण विकास कार्य ठप हो गए थे। उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी। अब जिले में करीब 200 करोड़ के विकास कार्य ठप हो चुके हैं।
जब चुनाव खत्म हुए तो उसके कुछ समय के बाद मानसून सीजन शुरू हो गया। इस दौरान निर्माण कार्य हो पाना काफी मुश्किल हो जाता है। मानसून सीजन समाप्त होने के कगार पर पहुंचा तो विधानसभा चुनावों की घोषणा हो गई है। इससे लोगों की बची उम्मीदें भी अब टूट चुकी हैं।
इधर नगर परिषद रेवाड़ी ने लोकसभा चुनावों के बाद 40 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर लगाए थे, लेकिन वह टेंडर केवल ऑनलाइन ही रह गए। धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ। लोगों को भी इस बात का डर था कि अगर विधानसभा चुनावों की घोषणा हो गई तो कोई भी कार्य नहीं हो पाएगा आखिर हुआ भी यही। अगस्त तक 60 प्रतिशत टेंडरों का कार्य शुरू हो जाना चाहिए था, सब अधूरा रह गया।
शहर की हालत दयनीय
मौजूदा समय में शहर के सड़कों, कम्यूनिटी सेंटर की मरम्मत और कई स्थानों पर तो नई सड़कें बनाने की जरूरत है। पार्कों की दशा भी काफी खराब है। झूले आदि टूट चुके हैं। शहर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। शौचालयों की भी हालत खस्ता है। गलियों में सीवर लीकेज की समस्या आम हो चुकी है। कहीं स्ट्रीट लाइट खराब है तो कहीं लगे ही नहीं है। नालों की सफाई भी अभी तक नहीं हुई है।
पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। बंदरों, कुत्तों ओर बेसहारा पशुओं के आतंक से शहर को छुटकारा नहीं मिला है। दिव्य नगर योजना के तहत नगर परिषद ने कुल 37 करोड़ के 7 कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। वह भी अभी कागजों में है। 2 करोड़ 57 लाख रुपये से सरकुलर रोड की स्पेशल रिपेयरिंग की जानी थी। इसका भी कोई अता पता नहीं है। शहर में टाइल्स की जगह आरसीसी की सड़कें 5 करोड़ से बनेंगी, अभी कागजी प्रक्रिया चल रही है।