बावल। झाबुआ के जंगल में सात दिन से छिपा बाघ वन विभाग की टीम की पकड़ से दूर है। ग्रामीणों में भय बरकरार है। दो दिन से बाघ की कोई गतिविधि कैमरे में कैद नहीं हुई है। वन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अब बाघ नए क्षेत्र की तलाश में है।
वन विभाग की टीम का कहना है कि बाघ एक ही स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं रह सकता है। ऐसे में अब वह अपना नया ठिकाना तलाश रहा है। यही कारण है कि 2 दिन से बाघ की कोई भी मूवमेंट अभी नहीं हो रही है। इससे पहले बाघ एक दिन छोड़कर कैमरे में कैद हो रहा था। सरिस्का वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ दोबारा से सरिस्का के जंगलों में जा सकता है। बाघ कहीं भी हो, वह धीरे-धीरे वह अपने ठिकाने की ओर ही पहुंचेगा। जब 7 माह पहले रेवाड़ी में बाघ आया था, उस समय भी बाघ सरिस्का में धीरे-धीरे चला गया था। ऐसे में उम्मीद है की बाघ वहां पर दोबारा जा सकता है। अगर बाघ नहीं पहुंचता है तो उसको पकड़ कर सरिस्का में छोड़ा जाएगा। सरिस्का टाइगर रिजर्व का बाध एसटी 2303 करीबन 7 दिनों से झाबुआ के जंगल में है। रेवाड़ी के जिलाधीश अभिषेक मीणा ने धारा 163 लागू करते हुए आदेश जारी किया है कि बाघ के पंजों के निशान वाले स्थान पर 5 लोगों से ज्यादा एकत्रित न हों। संबधित थाना व प्रशासनिक अधिकारियों को इलाके में सावधान रहने के लिए मुनादी कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
सरिस्का वन विभाग के फिल्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में हरियाली और जंगल जैसा नजारा होता है। इसलिए बाघ जंगल से निकलकर बाहर आया है। अब जल्द ही बाघ टाइगर को काबू कर सरिस्का ले जाया जाएगा। टाइगर को पकड़ने के लिए यहां पर बड़ा पिंजरा लगा दिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से सावधान रहने की अपील की है।