रेवाड़ी। नगर परिषद की जमीन पर अवैध निर्माण के मामले में आए दिन खुलासे हो रहे हैं। पार्षदों के आरोप के बाद बुधवार को अखिल भारतीय भार्गव सभा के पदाधिकारियों ने एसपी दीपक सहारण के सामने अपना पक्ष रखा। विवादित जमीन के पास ही सभा की रीलीज लैंड 810 गज है, जिसमें से 291 गज की प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन किया गया था।
एसपी के सामने इस मामले में समाज के लोगों ने कहा कि जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जांच पारदर्शी तरीके से हो। इसके लिए विवादित जमीन से उनका कोई लेनादेना नहीं है। जबकि मंगलवार को पार्षदों एक गुट ने सभा के एक पदाधिकारी पर प्रॉपर्टी आईडी बनवाने का आरोप लगाकर जांच की मांग की थी।
बता दें कि ब्रास मार्केट के समीप नगर परिषद की जमीन पर किए जा रहे निर्माण के बाद उपजे विवाद में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। मंगलवार को पार्षदों के एक गुट ने एसपी से मुलाकात कर भूमाफिया के नामों का खुलासा करने एवं विवादित जमीन की प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को भार्गव सभा की ओर से एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। भार्गव सभा की ओर से बताया गया है कि विवादित जमीन के पास ही भार्गव सभा की 810 गज जमीन है, जिसमें से 291 गज की प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन वह जमीन भी किसी मेद सिंह के नाम दर्शा रही है। जबकि जिस जमीन को लेकर नगर परिषद में हो हल्ला हो रहा है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में इस मामले की जांच की जाए और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस जांच शुरू होते ही मचा हड़कंप
नगर परिषद की जमीन पर निर्माण के मामले की पुलिस की जांच शुरू हो गई है। हालांकि मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस की जांच शुरू होने के साथ ही शहर के कुछ सफेदपोशों में खलबली मच गई है। जमीन के इस खेल से जुड़े लोगों ने अपने राजनीतिक आकाओं के दरबार में हाजिरी लगानी शुरू कर दी है। वहीं इस मामले का विरोध कर रहे पार्षदों ने जमीन के सौदागरों के नामों का खुलासा कराने की लड़ाई शुरू कर दी है।
नगर परिषद नहीं ले रही करोड़ों रुपये कीमत की प्रॉपर्टी की सुध
बता दें कि रेवाड़ी शहर में नगर परिषद की करोड़ों रुपये की संपत्ति ऐसे ही पड़ी हुई है, जिस पर अस्थायी रूप से लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। कई बार शहर के लोगों ने प्रशासन से कब्जाई जमीन को मुक्त कराने की मांग भी की है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो। जमीन का यह खेल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। ब्रास मार्केट की जमीन पर अवैध निर्माण के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद भूमाफिया में हड़कंप मच गया है।
भार्गव समाज भी आमने-सामने
एनडीसी जारी कराने को लेकर भार्गव समाज के लोग भी सामने-सामने आ गए है। भार्गव सभा प्रधान विकेश, अनिल, सुनील, अशोक सोमाणी, शीशराम चौधरी, सुमित, सुबोध, गुडडू, विपिन, राजीव, चिगाग व राहुल सहित का कहना है कि यह दान दी गई जमीन है। ऐसे में इसकी एनडीसी जारी कराने का कोई औचित्य ही नहीं है। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। एडवोकेट सुनील भार्गव ने कहा कि यह दान की जगह फिर इसकी एनडीसी जारी कराने की क्या जरूरत पड़ गई। इसके अलावा 810 गज जमीन में से 291 गज की ही एनडीसी क्यों। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नप चेयरपर्सन की चुप्पी से उठ रहे सवाल
वहीं शहर में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि इस पूरे प्रकरण से नगर परिषद चेयरपर्सन ने दूरी बनाए हुए है। मंगलवार को एसपी से मिलने गए पार्षदों के गुट से भी वह दूर रही। हालांकि उनका कहना है कि पार्षदों का फोन आया था, लेकिन वह मंगलवार को शहर में नहीं थी इसलिए नहीं जा सकी।
फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद सब क्लियर हो जाएगा।
-प्रवीण कुमार, सचिव नगर परिषद, रेवाड़ी