रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रोड शो, चुनाव रैलियों की पहले अनुमति लेनी होगी। प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी है। किसी उम्मीदवार या पार्टी के काफिले में 10 से अधिक वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ये जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी ने लघु सचिवालय में मंगलवार को हुई बैठक में अधिकारियों को दी।
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने बताया कि उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। चुनाव में प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग यातायात नियमों के अनुसार ही करना होगा। सुरक्षा वाहन को छोड़कर 10 से ज्यादा वाहनों के काफिले को चलने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों के बड़े काफिले को छोटे-छोटे काफिलों में तोड़ा जाएगा और दो काफिलों में कम से कम 100 मीटर का फासला होना चाहिए। जन प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 160 में परिभाषित साइकिल रिक्शा भी एक ऐसा वाहन है, जिसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए किया जा सकता है। यदि इसका उपयोग किया जा रहा है, तो उम्मीदवार को अपने चुनाव व्यय खाते में इसके व्यय का हिसाब देना होगा।
उम्मीदवार को अपने चुनाव प्रचार के लिए उपयोग किए जा रहे ऐसे रिक्शा का विवरण देना चाहिए और यदि रिक्शा के पास अपनी पहचान के लिए कोई नगर पालिका पंजीकरण व परमिट नहीं है, तो रिक्शा चालक को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके व्यक्तिगत नाम पर एक परमिट दिया जा सकता है, जिसे रिक्शा चालक को रिक्शा का उपयोग करते समय अपने साथ रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंचों पर या वाहनों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी हर प्रकार के चुनाव प्रचार पर निगरानी रखेंगे और नियमों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।